IFFD-2026: दिल्ली बनेगी नए भारत की 'आर्ट कैपिटल', कपिल मिश्रा ने पेश किया ग्लोबल फिल्म हब का रोडमैप
"IFFD-2026 की शानदार सफलता के साथ दिल्ली अब 'ग्लोबल फिल्म हब' बनने की राह पर है। पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने दिल्ली को नए भारत की 'आर्ट कैपिटल' घोषित करते हुए प्रसार भारती के साथ एक महत्वपूर्ण समझौते (MoU) की जानकारी साझा की। जानें कैसे 100 से अधिक देशों की भागीदारी और 2187 फिल्मों ने दिल्ली के सिनेमाई परिदृश्य को बदल दिया है।"

IFFD-2026:दिल्ली बनेगी नए भारत की 'आर्ट कैपिटल'
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12:14 PM, Apr 8, 2026
O News हिंदी Desk
IFFD-2026: दिल्ली बनेगी नए भारत की 'आर्ट कैपिटल', कपिल मिश्रा ने बताया ग्लोबल फिल्म हब बनने का विजन
नई दिल्ली | 8 अप्रैल, 2026
देश की राजधानी दिल्ली अब केवल राजनीति का केंद्र नहीं, बल्कि कला और सिनेमा का भी नया वैश्विक ठिकाना बनने की ओर अग्रसर है। हाल ही में संपन्न हुए इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल, दिल्ली (IFFD-2026) की शानदार सफलता ने इस सपने को हकीकत में बदल दिया है। दिल्ली के पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने इस आयोजन को एक ऐतिहासिक मील का पत्थर बताया है और घोषणा की है कि दिल्ली बहुत जल्द दुनिया के नक्शे पर एक 'ग्लोबल फिल्म हब' के रूप में स्थापित होगी।
IFFD-2026: एक वैश्विक महोत्सव के चौंकाने वाले आंकड़े
IFFD-2026 केवल एक फिल्म महोत्सव नहीं था, बल्कि दुनिया भर के सिनेमाई हुनर का एक महाकुंभ था। कपिल मिश्रा ने इस आयोजन की सफलता पर खुशी जताते हुए कुछ महत्वपूर्ण आंकड़े साझा किए, जो इस महोत्सव के कद को दर्शाते हैं:
- 100 से अधिक देश: इस बार महोत्सव में रिकॉर्ड तोड़ 100 से ज्यादा देशों ने अपनी भागीदारी दर्ज की।
- 2187 फिल्मों की एंट्री: वैश्विक स्तर पर इस महोत्सव को लेकर जबरदस्त उत्साह देखा गया, जिसके परिणामस्वरूप 2187 फिल्मों की प्रविष्टियां प्राप्त हुईं।
- 15 प्रतिष्ठित स्थान: फिल्मों का प्रदर्शन केवल एक जगह तक सीमित नहीं रहा, बल्कि दिल्ली के 15 प्रमुख स्थानों पर इन्हें दिखाया गया। इसमें 'भारत मंडपम' जैसे प्रतिष्ठित केंद्र भी शामिल थे।
- 30 हजार से अधिक रजिस्ट्रेशन: दर्शकों और फिल्म प्रेमियों के उत्साह का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आयोजन के लिए 30,000 से अधिक लोगों ने अपना पंजीकरण कराया।
स्पेन और सिंगापुर: अंतरराष्ट्रीय तालमेल की नई मिसाल
किसी भी वैश्विक आयोजन की सफलता उसके अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर टिकी होती है। IFFD-2026 में स्पेन को 'कंट्री ऑफ फोकस' के रूप में चुना गया था, जिसने महोत्सव में यूरोपीय सिनेमा की एक अलग छाप छोड़ी। वहीं, सिंगापुर अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव ने इस आयोजन में 'आधिकारिक साझेदार' (Official Partner) की भूमिका निभाई। इस रणनीतिक साझेदारी ने दिल्ली के इस महोत्सव को एक वैश्विक आयाम प्रदान किया है।
"दिल्ली केवल एक शहर नहीं, बल्कि एक भावना है। IFFD-2026 की सफलता ने यह साबित कर दिया है कि दिल्ली में वह क्षमता है कि वह नए भारत की 'आर्ट कैपिटल' बन सके।" — कपिल मिश्रा, पर्यटन मंत्री
Kapil Mishra
फिल्म पर्यटन और प्रसार भारती के साथ नया समझौता
दिल्ली सरकार केवल आयोजन तक ही सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि एक दीर्घकालिक बुनियादी ढांचा तैयार करना चाहती है। इसी दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए दिल्ली पर्यटन विभाग और प्रसार भारती के बीच एक महत्वपूर्ण MoU (समझौता ज्ञापन) पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
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इस समझौते के तहत:
- फिल्म पर्यटन को बढ़ावा: दिल्ली के ऐतिहासिक और आधुनिक स्थलों को शूटिंग लोकेशंस के रूप में प्रचारित किया जाएगा।
- प्रसारण के नए अवसर: प्रसार भारती के सहयोग से स्थानीय फिल्मकारों और कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए नए डिजिटल और ब्रॉडकास्टिंग प्लेटफॉर्म मिलेंगे।
- रोजगार सृजन: फिल्म उद्योग के विस्तार से दिल्ली के युवाओं के लिए अभिनय, तकनीकी कौशल और प्रोडक्शन के क्षेत्र में रोजगार के हजारों नए अवसर पैदा होंगे।
युवाओं और कलाकारों की सक्रिय भागीदारी
कपिल मिश्रा ने विशेष रूप से युवाओं और स्वतंत्र फिल्मकारों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि फिल्मकारों और कलाकारों की सक्रिय भागीदारी ने ही इस आयोजन को एक विशिष्ट पहचान दिलाई है। दिल्ली सरकार का लक्ष्य एक ऐसा इकोसिस्टम तैयार करना है, जहाँ उभरते हुए निर्देशकों को न केवल मंच मिले, बल्कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं भी प्राप्त हों।
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दिल्ली क्यों बन सकती है 'ग्लोबल फिल्म हब'?
विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली के पास वो सब कुछ है जो एक अंतरराष्ट्रीय फिल्म हब के लिए जरूरी है:
- ऐतिहासिक विरासत: कुतुब मीनार से लेकर हुमायूं के मकबरे तक, दिल्ली के पास शूटिंग के लिए शानदार लोकेशंस हैं।
- आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर: भारत मंडपम और यशोभूमि जैसे आधुनिक कन्वेंशन सेंटर अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रीमियर के लिए तैयार हैं।
- कनेक्टिविटी: दिल्ली की मेट्रो और अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा दुनिया भर के कलाकारों के लिए सुगम पहुंच सुनिश्चित करते हैं।
- सांस्कृतिक विविधता: दिल्ली में भारत के हर कोने की संस्कृति का मिश्रण मिलता है, जो कहानीकारों के लिए एक बेहतरीन कैनवस है।
निष्कर्ष: एक नए युग की शुरुआत
IFFD-2026 के समापन के साथ ही दिल्ली ने मनोरंजन की दुनिया में अपनी एक मजबूत दावेदारी पेश कर दी है। कपिल मिश्रा का यह विजन कि दिल्ली 'नए भारत की आर्ट कैपिटल' बनेगी, अब केवल एक नारा नहीं बल्कि एक वास्तविकता नजर आ रही है। प्रसार भारती के साथ हुआ समझौता और अंतरराष्ट्रीय देशों का सहयोग आने वाले वर्षों में दिल्ली को मुंबई के समांतर एक शक्तिशाली फिल्म उद्योग केंद्र के रूप में खड़ा कर सकता है।
सिनेमा प्रेमियों के लिए यह समय गर्व का है, क्योंकि अब दिल्ली की सड़कों पर केवल राजनीति की चर्चा नहीं होगी, बल्कि "लाइट्स, कैमरा और एक्शन" की गूंज भी सुनाई देगी।
Source: Onews Hindi


