"भागे खामेनेई! तेहरान में गिर रही थीं मिसाइलें और खाली हो गया सुप्रीम लीडर का बंगला"
"Israel-Iran War Updates: इज़रायल और अमेरिका ने तेहरान के सैन्य और परमाणु ठिकानों पर किया मिसाइल अटैक। हमले से पहले सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट हुए अली खामेनेई। राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान की नौसेना और मिसाइल शक्ति को तबाह करने का किया ऐलान।"

भाग गए ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई.!
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3:14 PM, Feb 28, 2026
O News हिंदी Desk
ईरान-इज़रायल युद्ध: क्या खामेनेई की जान बाल-बाल बची? तेहरान पर अमेरिका और इज़रायल का भीषण हमला
मिडिल ईस्ट में महायुद्ध का आगाज़ हो चुका है। अमेरिका और इज़रायल के संयुक्त ऑपरेशन ने तेहरान को दहला दिया है। दावा किया जा रहा है कि ईरानी सुप्रीम लीडर अली खामेनेई को निशाना बनाया गया, लेकिन वे हमले से ठीक पहले सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट हो गए।
महायुद्ध की शुरुआत: तेहरान में मची तबाही
दुनिया जिस बात का डर जता रही थी, आखिर वही हुआ। मिडिल ईस्ट की धरती पर युद्ध का बिगुल बज चुका है। इज़रायल ने अमेरिका के साथ मिलकर ईरान पर अब तक का सबसे बड़ा हवाई और समुद्री हमला बोल दिया है। राजधानी तेहरान समेत ईरान के कई प्रमुख शहर धमाकों की गूंज से कांप उठे हैं।
यह केवल एक सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि ईरान की सत्ता के शीर्ष नेतृत्व को खत्म करने की एक सोची-समझी रणनीति नजर आ रही है। खबरों के मुताबिक, इज़रायली वायुसेना ने ईरान के सैन्य ठिकानों, खुफिया केंद्रों और परमाणु ऊर्जा केंद्रों पर एक साथ हमला किया है।
टारगेट पर थे अली खामेनेई: बाल-बाल बचे सुप्रीम लीडर!
इस पूरे हमले की सबसे चौंकाने वाली खबर यह है कि इज़रायल ने सीधे तौर पर ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई (Ali Khamenei) को निशाना बनाया। रिपोर्टों के अनुसार:
- खामेनेई के निजी आवास पर मिसाइल दागी गई।
- उनके आधिकारिक दफ्तर के पास भी जोरदार धमाके हुए।
- खुफिया इनपुट के अनुसार, हमले की भनक लगते ही खामेनेई को तेहरान से किसी सुरक्षित और गुप्त बंकर में शिफ्ट कर दिया गया।
हालांकि हमले में भारी नुकसान की खबरें हैं, लेकिन खामेनेई को सुरक्षित बचा लिया गया है। इसे इज़रायल और अमेरिका की तरफ से 'रिजाइम चेंज' यानी सत्ता परिवर्तन की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कड़ा संदेश: "खत्म करेंगे ईरानी खतरा"
हमले के तुरंत बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने एक वीडियो संदेश जारी कर पूरी दुनिया को चौंका दिया। ट्रंप ने साफ लफ्जों में कहा कि यह हमला अमेरिकी नागरिकों और वैश्विक शांति की रक्षा के लिए जरूरी था।
"ईरानी शासन एक क्रूर और निर्मम समूह है। उनकी गतिविधियाँ न केवल अमेरिका, बल्कि हमारे सैन्य अड्डों और दुनिया भर के सहयोगियों के लिए सीधा खतरा हैं। हमारा उद्देश्य उनकी नौसेना और मिसाइल शक्ति को पूरी तरह तबाह करना है।" – डोनाल्ड ट्रंप
ट्रंप के इस बयान से साफ है कि अमेरिका अब 'सॉफ्ट डिप्लोमेसी' के मूड में नहीं है। उनका लक्ष्य ईरान की सैन्य कमर तोड़ना और उसके परमाणु कार्यक्रमों को पूरी तरह से ठप करना है।
ईरान का पलटवार: "अब अंत हमारे हाथ में नहीं"
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इस भीषण हमले के बाद ईरान की संसद और सेना की ओर से भी तीखी प्रतिक्रिया आई है। ईरानी संसद के स्पीकर ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि अमेरिका और इज़रायल ने युद्ध की शुरुआत तो कर दी है, लेकिन "इस युद्ध का अंत अब उनके (दुश्मनों के) हाथों में नहीं होगा।"
ईरान ने केवल धमकी ही नहीं दी, बल्कि जवाबी कार्रवाई भी शुरू कर दी है। जानकारी मिल रही है कि ईरान ने इज़रायल की ओर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दाग दी हैं, जिससे युद्ध के और भी ज्यादा फैलने की आशंका बढ़ गई है।
हमले के प्रमुख बिंदु:
परमाणु केंद्रों पर हमला: दुनिया की बढ़ी चिंता
इज़रायल और अमेरिका ने रणनीतिक रूप से ईरानी परमाणु ऊर्जा संगठन (AEOI) के ठिकानों को भी निशाना बनाया है। इज़रायल लंबे समय से यह कहता रहा है कि वह ईरान को परमाणु हथियार बनाने की अनुमति कभी नहीं देगा। इस हमले ने यह स्पष्ट कर दिया है कि इज़रायल अब सीधे तौर पर ईरान की सबसे बड़ी ताकत को नष्ट करने पर आमादा है।
क्या यह तीसरे विश्व युद्ध की आहट है?
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह संघर्ष इसी तरह बढ़ता रहा, तो यह तीसरे विश्व युद्ध (World War 3) की चिंगारी बन सकता है। एक तरफ अमेरिका और इज़रायल हैं, तो दूसरी तरफ ईरान के समर्थन में रूस और चीन जैसे देश आ सकते हैं। फिलहाल मिडिल ईस्ट की स्थिति बेहद तनावपूर्ण बनी हुई है और कच्चे तेल की कीमतों से लेकर वैश्विक बाजार तक, हर जगह इस युद्ध का असर दिखना शुरू हो गया है।
निष्कर्ष
ईरान पर हुआ यह हमला इतिहास के सबसे बड़े सैन्य ऑपरेशनों में से एक माना जा रहा है। जहां एक तरफ इज़रायल ने अपनी ताकत का प्रदर्शन किया है, वहीं ईरान के पलटवार ने दुनिया की सांसें थाम दी हैं। अली खामेनेई का तेहरान छोड़कर भागना यह दर्शाता है कि खतरा कितना बड़ा था। अब देखना यह होगा कि आने वाले घंटों में ईरान और अमेरिका के बीच यह टकराव किस मोड़ पर मुड़ता है।
डिस्क्लेमर: यह लेख उपलब्ध मीडिया रिपोर्ट्स और दावों पर आधारित है। युद्ध की स्थिति में सूचनाएं पल-पल बदल सकती हैं।
Source: Patrika


