जयपुर में बड़ा हादसा: जुमे की नमाज के दौरान मस्जिद की दीवार गिरी, मलबे में दबे 19 नमाजी; 8 की हालत नाजुक।
"जयपुर के भट्टा बस्ती स्थित फिरदौस मस्जिद में जुमे की नमाज के दौरान बड़ा हादसा। मस्जिद की दीवार गिरने से 19 नमाजी मलबे में दबे, जिनमें से 8 की हालत गंभीर। पुलिस और स्थानीय लोगों ने किया रेस्क्यू, विधायक अमीन कागजी और हाकम अली पहुंचे अस्पताल। पढ़ें पूरी खबर और लेटेस्ट अपडेट।"

जुमे की नमाज के दौरान मस्जिद की दीवार गिरी, मलबे में दबे 19 नमाजी;
जयपुर
6:50 PM, Mar 6, 2026
O News हिंदी Desk
जयपुर के भट्टा बस्ती में बड़ा हादसा: जुमे की नमाज के दौरान फिरदौस मस्जिद की दीवार गिरी, 19 दबे, 8 की हालत नाजुक
जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर के भट्टा बस्ती इलाके से शुक्रवार दोपहर एक हृदयविदारक घटना सामने आई। यहां स्थित 'फिरदौस मस्जिद' में जुमे की नमाज के दौरान अचानक एक दीवार भरभरा कर गिर गई। इस मलबे की चपेट में आने से 19 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के वक्त मस्जिद के भीतर करीब 1000 नमाजी मौजूद थे, जिससे वहां चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया।
इबादत के बीच अचानक मची चीख-पुकार
शुक्रवार का दिन था और दोपहर के करीब 2:30 बज रहे थे। भट्टा बस्ती की फिरदौस मस्जिद में सैकड़ों लोग खुदा की इबादत में सिर झुकाए हुए थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सब कुछ सामान्य चल रहा था कि अचानक एक जोरदार धमाके जैसी आवाज हुई और मस्जिद की एक भारी-भरकम दीवार नमाजियों पर आ गिरी।
धूल के गुबार और मलबे के बीच किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। देखते ही देखते इबादतगाह का शांत माहौल दहशत में बदल गया। जो लोग सुरक्षित थे, वे अपनों को मलबे से बाहर निकालने के लिए दौड़ पड़े।
रेस्क्यू ऑपरेशन: पुलिस और स्थानीय लोगों ने दिखाई मिसाल
हादसे की सूचना मिलते ही भट्टा बस्ती थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। हालांकि, पुलिस के आने से पहले ही स्थानीय निवासियों ने मलबे को हटाना शुरू कर दिया था।
- तत्परता: मलबे में दबे लोगों को एक-एक कर बाहर निकाला गया।
- अस्पताल रवानगी: एंबुलेंस और निजी वाहनों की मदद से घायलों को तुरंत पास के कांवटिया अस्पताल ले जाया गया।
- गंभीर स्थिति: प्राथमिक उपचार के बाद, 8 नमाजियों की हालत बेहद नाजुक देखते हुए उन्हें जयपुर के सबसे बड़े SMS (सवाई मानसिंह) अस्पताल रेफर कर दिया गया।
सियासी गलियारों में हलचल: विधायक पहुंचे अस्पताल
जैसे ही इस हादसे की खबर राजस्थान विधानसभा तक पहुंची, वहां मौजूद क्षेत्र के प्रतिनिधि तुरंत सक्रिय हो गए। विधायक अमीन कागजी, विधायक हाकम अली और असरार कुरैशी सीधे सदन से अस्पताल पहुंचे।
नेताओं ने घायलों के परिजनों को ढांढस बंधाया और डॉक्टरों से बातचीत कर घायलों को बेहतर से बेहतर इलाज मुहैया कराने के निर्देश दिए। प्रशासन को भी निर्देश दिए गए हैं कि हादसे के कारणों की जांच की जाए कि क्या दीवार जर्जर थी या निर्माण में कोई कमी थी।
हादसे के मुख्य बिंदु एक नज़र में
सुरक्षा मानकों पर उठते सवाल
जयपुर के पुराने और घनी आबादी वाले इलाकों में ऐसी घटनाएं निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और पुरानी इमारतों के रखरखाव पर बड़े सवाल खड़ा करती हैं। फिरदौस मस्जिद में हुए इस हादसे ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि सार्वजनिक और धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा ऑडिट कितना जरूरी है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि मस्जिद में नमाज के दौरान काफी भीड़ रहती है, ऐसे में पुरानी दीवारों का कमजोर होना जानलेवा साबित हो सकता है। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है कि हादसे के पीछे प्राकृतिक कारण थे या कोई मानवीय लापरवाही।
मानवीय संवेदनाएं और एकजुटता
हादसे के बाद पूरे भट्टा बस्ती इलाके में सन्नाटा पसरा है, लेकिन राहत की बात यह रही कि संकट की इस घड़ी में हर धर्म और तबके के लोग एक साथ नजर आए। युवाओं ने मलबे के नीचे दबे बुजुर्गों और बच्चों को बचाने में अपनी जान की बाजी लगा दी। अस्पताल के बाहर भी लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा, जो घायलों के लिए दुआएं मांग रहे थे।
Source: tv9


