UP Election 2027: Yogi फिर बनेंगे CM या Akhilesh की वापसी? सर्वे में बड़ा खुलासा
UP Election 2027 से पहले सामने आए सर्वे में BJP गठबंधन को 41.8% और SP गठबंधन को 38.7% समर्थन मिला। CM की पसंद में Yogi Adityanath, Akhilesh Yadav से आगे दिखाई दिए।

Yogi फिर बनेंगे CM या Akhilesh की वापसी?
उत्तर प्रदेश
5:33 PM, Aug 26, 2026
O News हिंदी Desk
UP Election 2027 Survey: CM की पसंद में योगी आदित्यनाथ आगे, BJP-SP में कांटे की टक्कर
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल धीरे-धीरे तेज होने लगी है। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों अपनी-अपनी रणनीति पर काम कर रहे हैं। इसी बीच सामने आए एक ताजा ओपिनियन पोल ने प्रदेश के मौजूदा राजनीतिक मूड की दिलचस्प तस्वीर पेश की है।
सर्वे के आंकड़ों के मुताबिक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ CM पद की पसंद के मामले में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव से आगे दिखाई दे रहे हैं। वहीं वोट शेयर के सवाल पर भी BJP गठबंधन को बढ़त मिली है। हालांकि BJP और SP गठबंधन के बीच अंतर इतना बड़ा नहीं है कि मुकाबले को अभी से एकतरफा माना जाए।
BJP गठबंधन को 41.8 प्रतिशत समर्थन
Vote Vibe के ‘Assembly Elections 2027 Opinion Poll – Tracker 1’ में लोगों से पूछा गया कि अगर अभी चुनाव होते हैं तो वे किस पार्टी या गठबंधन को वोट देना पसंद करेंगे।
सर्वे के मुताबिक BJP गठबंधन को 41.8 प्रतिशत लोगों ने अपनी पसंद बताया है।
वहीं समाजवादी पार्टी गठबंधन को 38.7 प्रतिशत लोगों का समर्थन मिलता दिखाई दिया।
इस हिसाब से दोनों प्रमुख गठबंधनों के बीच करीब 3.1 प्रतिशत अंक का अंतर है।
सर्वे में BSP को 5.2 प्रतिशत समर्थन मिला, जबकि अन्य क्षेत्रीय दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों को 4 प्रतिशत लोगों ने अपनी पसंद बताया।
वहीं 10.3 प्रतिशत मतदाता ऐसे हैं, जिन्होंने अभी अपना फैसला स्पष्ट नहीं किया है।
सर्वे में अनुमानित वोटिंग पसंद
BJP गठबंधन – 41.8%
SP गठबंधन – 38.7%
BSP – 5.2%
अन्य क्षेत्रीय दल/निर्दलीय – 4.0%
अनिर्णीत/कह नहीं सकते – 10.3%
Source:-vote vibe
CM की पसंद में योगी आदित्यनाथ को बढ़त
सर्वे का दूसरा महत्वपूर्ण सवाल उत्तर प्रदेश के अगले मुख्यमंत्री को लेकर था।
यहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी अखिलेश यादव से आगे नजर आते हैं।
सर्वे में 43.4 प्रतिशत लोगों ने योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री पद के लिए अपनी पसंद बताया।
वहीं 35.5 प्रतिशत लोगों ने अखिलेश यादव के नाम पर भरोसा जताया।
इस तरह मुख्यमंत्री पद की पसंद में योगी आदित्यनाथ और अखिलेश यादव के बीच करीब 7.9 प्रतिशत अंक का अंतर दिखाई देता है।
बसपा प्रमुख मायावती को 5.9 प्रतिशत और कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी को 3 प्रतिशत लोगों ने मुख्यमंत्री के रूप में अपनी पसंद बताया।
इसके अलावा 6 प्रतिशत लोगों ने अन्य विकल्प चुना, जबकि 6.3 प्रतिशत लोगों ने कोई स्पष्ट राय नहीं दी।
मुख्यमंत्री पद के लिए जनता की पसंद
योगी आदित्यनाथ – 43.4%
अखिलेश यादव – 35.5%
मायावती – 5.9%
प्रियंका गांधी – 3.0%
अन्य – 6.0%
कह नहीं सकते – 6.3%
मुख्यमंत्री पद के लिए जनता की पसंद
चुनाव कौन जीतेगा? यहां मुकाबला बेहद दिलचस्प
Vote Vibe के सर्वे का सबसे दिलचस्प हिस्सा उस समय सामने आता है, जब लोगों से पूछा गया कि उनके हिसाब से 2027 का उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव आखिर कौन जीत सकता है?
इस सवाल पर BJP और SP गठबंधन के बीच लगभग बराबरी की स्थिति दिखाई देती है।
41.2 प्रतिशत लोगों का मानना है कि SP गठबंधन चुनाव जीत सकता है, जबकि 41.1 प्रतिशत लोगों ने BJP गठबंधन की जीत का अनुमान लगाया।
यानी वोट देने की व्यक्तिगत पसंद में BJP गठबंधन आगे दिखाई देता है, लेकिन चुनाव कौन जीतेगा, इस सवाल पर जनता की धारणा लगभग बराबर बंटी हुई नजर आती है।
यह आंकड़ा इस ओर भी इशारा करता है कि 2027 की चुनावी लड़ाई अभी पूरी तरह खुली हुई है।
64.4% मतदाताओं का दावा- तय कर चुके हैं वोट
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सर्वे में मतदाताओं से यह भी जानने की कोशिश की गई कि क्या उन्होंने अभी से तय कर लिया है कि 2027 के चुनाव में किसे वोट देना है।
इस सवाल पर 64.4 प्रतिशत मतदाताओं ने कहा कि वे अपना फैसला पूरी तरह कर चुके हैं।
वहीं 19 प्रतिशत लोगों ने कहा कि उनकी एक पसंद जरूर है, लेकिन अंतिम निर्णय अभी नहीं लिया है।
8.7 प्रतिशत मतदाताओं ने कहा कि उन्होंने अभी कुछ तय नहीं किया है, जबकि करीब 8 प्रतिशत लोगों ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया।
इसका मतलब यह भी है कि प्रदेश में अभी मतदाताओं का एक ऐसा वर्ग मौजूद है, जिसका अंतिम फैसला आने वाले महीनों में राजनीतिक घटनाक्रम, प्रत्याशियों, स्थानीय मुद्दों और चुनाव प्रचार से प्रभावित हो सकता है।
रोजगार बन सकता है बड़ा चुनावी मुद्दा
सर्वे केवल राजनीतिक दलों और नेताओं की लोकप्रियता तक सीमित नहीं रहा। लोगों से उन मुद्दों के बारे में भी पूछा गया, जिन्हें वे आगामी चुनाव में महत्वपूर्ण मानते हैं।
आंकड़ों के मुताबिक 23.1 प्रतिशत लोगों ने बेरोजगारी को सबसे महत्वपूर्ण चुनावी मुद्दा माना।
किसानों से जुड़े मुद्दों को 14.1 प्रतिशत, शिक्षा और स्वास्थ्य को 13.7 प्रतिशत तथा महंगाई को 12.2 प्रतिशत लोगों ने महत्वपूर्ण बताया।
ये आंकड़े संकेत देते हैं कि 2027 के चुनावी मैदान में राजनीतिक नारों के साथ रोजगार, किसान, शिक्षा, स्वास्थ्य और महंगाई जैसे आम लोगों की जिंदगी से जुड़े सवाल भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
पार्टी की विचारधारा भी मतदाताओं के लिए अहम
मतदान करते समय मतदाता किस बात को सबसे ज्यादा महत्व देते हैं, इस सवाल पर 25.1 प्रतिशत लोगों ने पार्टी की विचारधारा को सबसे महत्वपूर्ण बताया।
22 प्रतिशत मतदाताओं के लिए विकास और जनहित से जुड़े मुद्दे महत्वपूर्ण हैं।
वहीं 15.3 प्रतिशत लोगों ने उम्मीदवार की छवि और व्यक्तित्व को महत्व दिया, जबकि 13.4 प्रतिशत लोगों के लिए मुख्यमंत्री का चेहरा महत्वपूर्ण है।
यानी यूपी का मतदाता प्रत्याशी के साथ पार्टी, नेतृत्व और विकास से जुड़े मुद्दों को भी ध्यान में रखकर अपना राजनीतिक फैसला करता दिखाई दे रहा है।
योगी सरकार के कामकाज पर क्या है जनता की राय?
सर्वे में उत्तर प्रदेश सरकार के प्रदर्शन को लेकर भी लोगों की राय जानने की कोशिश की गई।
29.2 प्रतिशत लोग सरकार के कामकाज से पूरी तरह संतुष्ट बताए गए, जबकि 12.6 प्रतिशत लोगों ने खुद को संतुष्ट बताया।
दोनों आंकड़ों को जोड़कर देखें तो करीब 41.8 प्रतिशत उत्तरदाता सरकार के कामकाज से संतुष्ट दिखाई देते हैं।
दूसरी ओर 27.1 प्रतिशत लोग असंतुष्ट और 11.3 प्रतिशत पूरी तरह असंतुष्ट बताए गए हैं।
दिलचस्प बात यह है कि स्थानीय विधायकों को लेकर असंतोष सरकार की तुलना में अधिक दिखाई देता है। सर्वे के निष्कर्ष के मुताबिक करीब 49 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने अपने मौजूदा विधायक को लेकर असंतोष जताया।
ऐसे में 2027 के विधानसभा चुनाव में केवल पार्टी और मुख्यमंत्री का चेहरा ही नहीं, बल्कि अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में उम्मीदवारों का चयन भी चुनावी समीकरणों पर असर डाल सकता है।
क्या 2027 में फिर दिखाई देगा 'योगी फैक्टर'?
सर्वे के मौजूदा आंकड़ों पर नजर डालें तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की व्यक्तिगत लोकप्रियता BJP के लिए मजबूत पक्ष के रूप में सामने आती दिखाई देती है।
मुख्यमंत्री पद की पसंद में 43.4 प्रतिशत समर्थन और अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी अखिलेश यादव से बढ़त BJP के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा सकती है।
दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी के लिए 38.7 प्रतिशत का अनुमानित वोट शेयर यह बताता है कि मुख्य विपक्षी गठबंधन भी मुकाबले में मजबूती से मौजूद दिखाई दे रहा है।
खास बात यह है कि BJP और SP गठबंधन के अनुमानित वोट शेयर में महज 3.1 प्रतिशत अंक का अंतर है।
ऐसे में इस ओपिनियन पोल को BJP की निश्चित जीत या समाजवादी पार्टी की तय हार के रूप में देखना उचित नहीं होगा।
2027 की असली चुनावी लड़ाई अभी बाकी
उत्तर प्रदेश की राजनीति में चुनाव से पहले कुछ महीनों का समय भी समीकरण बदलने के लिए काफी होता है।
आने वाले समय में प्रत्याशियों का चयन, गठबंधन की रणनीति, जातीय और सामाजिक समीकरण, रोजगार, कानून-व्यवस्था, किसान, महंगाई और विकास जैसे मुद्दे मतदाताओं के अंतिम फैसले को प्रभावित कर सकते हैं।
फिलहाल Vote Vibe का यह सर्वे इतना जरूर संकेत देता है कि BJP गठबंधन वोटिंग पसंद में आगे दिखाई दे रहा है और योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री पद की पहली पसंद बने हुए हैं।
दूसरी तरफ अखिलेश यादव और SP गठबंधन भी मजबूत चुनौती पेश करते दिखाई दे रहे हैं।
इसलिए 2027 की लड़ाई को अभी से एकतरफा कहना जल्दबाजी होगी। अंतिम फैसला उत्तर प्रदेश की जनता मतदान के जरिए करेगी।
स्रोत एवं डिस्क्लेमर
स्रोत: यह समाचार Vote Vibe के ‘Assembly Elections 2027 Opinion Poll – Tracker 1’, दिनांक 25 अगस्त 2026 में सामने आए सर्वे आंकड़ों पर आधारित है। इस सर्वे से संबंधित आंकड़ों और जानकारी को UP Tak ने भी 25 अगस्त 2026 को प्रकाशित अपनी रिपोर्ट में प्रमुखता से प्रस्तुत किया है। O News Hindi ने उपलब्ध सर्वे आंकड़ों और प्रकाशित जानकारी का अध्ययन कर इस समाचार को स्वतंत्र, सरल और मानवीय पत्रकारिता शैली में तैयार किया है।
डिस्क्लेमर: ओपिनियन पोल किसी चुनाव का वास्तविक या अंतिम परिणाम नहीं होता। यह सर्वे के समय शामिल उत्तरदाताओं की राय को दर्शाता है। विधानसभा चुनाव होने तक मतदाताओं की पसंद, राजनीतिक परिस्थितियों और चुनावी समीकरणों में बदलाव संभव है।
Source: UP Tak


