शिव मंदिर में घृणित कार्य करने वाला रिजवान गिरफ्तार,मुस्लिम समाज ने भी किया किनारा।
जबलपुर के गढ़ा में प्राचीन शिव मंदिर में शिवलिंग का अपमान करने वाला आरोपी रिजवान गिरफ्तार। घटना के विरोध में मुस्लिम समाज ने आरोपी को समाज से बहिष्कृत कर कड़ी सजा की मांग की है। जानें पूरी खबर।

शिव मंदिर में घृणित कार्य करने वाला रिजवान गिरफ्तार.!
जबलपुर
2:22 PM, Feb 11, 2026
O News हिंदी Desk
जबलपुर में धार्मिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश: शिवलिंग के अपमान पर मुस्लिम समाज ने भी फेरा आरोपी से मुंह, कहा- "हमारे समाज में इसकी कोई जगह नहीं"
जबलपुर, मध्य प्रदेश: संस्कारधानी जबलपुर से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने न केवल धार्मिक भावनाओं को आहत किया, बल्कि शहर के सांप्रदायिक ताने-बाने को भी चुनौती दी। गढ़ा थाना क्षेत्र के छोटी बजरिया स्थित एक प्राचीन शिव मंदिर में हुई इस घृणित घटना के बाद जहाँ एक ओर आक्रोश का माहौल है, वहीं दूसरी ओर मुस्लिम समाज ने जो स्टैंड लिया है, वह चर्चा का विषय बना हुआ है।
क्या है पूरा मामला? (The Incident)
घटना 9 फरवरी की रात लगभग 9:30 बजे की है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मुजावर मोहल्ला निवासी रिजवान खान उर्फ रिज्जु उर्फ भूरा अचानक छोटी बजरिया स्थित प्राचीन शिव मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश कर गया। वहां उसने भगवान शिव की पिंडी (शिवलिंग) पर पेशाब कर दिया।
जैसे ही स्थानीय श्रद्धालुओं ने इस अपवित्र कृत्य को देखा, वहां हड़कंप मच गया। मौके पर मौजूद लोगों ने आरोपी को पकड़ने की कोशिश की और आक्रोशित भीड़ ने उसकी पिटाई भी की। हालांकि, पुलिस के पहुंचने से पहले ही आरोपी मौके से फरार होने में कामयाब रहा। इस घटना की खबर जैसे ही शहर में फैली, हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक बड़ी संख्या में मंदिर परिसर में जमा हो गए।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और गिरफ्तारी
जबलपुर पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत एक्शन लिया। गढ़ा थाना प्रभारी प्रसन्न शर्मा के नेतृत्व में टीम गठित की गई और आरोपी रिजवान की तलाश शुरू की गई।
- दर्ज धाराएं: पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196B, 298 और 299 के तहत मामला दर्ज किया है। ये धाराएं धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और शांति भंग करने से संबंधित हैं।
- गिरफ्तारी: पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी रिजवान को गिरफ्तार कर लिया और कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे सीधे जेल भेज दिया गया है।
पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय ने स्पष्ट किया है कि आरोपी पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई (एनएसए जैसी कठोर धाराएं) भी की जा सकती है, ताकि भविष्य में कोई भी धार्मिक अशांति फैलाने का साहस न कर सके।
मुस्लिम समुदाय का कड़ा रुख: "समाज से करेंगे बहिष्कृत"
इस घटना का सबसे महत्वपूर्ण पहलू मुस्लिम समाज की प्रतिक्रिया रही। अमूमन ऐसी घटनाओं के बाद तनाव बढ़ता है, लेकिन जबलपुर के मुस्लिम प्रतिनिधियों ने परिपक्वता का परिचय दिया। समुदाय के प्रबुद्ध वर्ग और प्रतिनिधियों ने पुलिस को एक ज्ञापन सौंपा है जिसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि:
- कृत्य की निंदा: आरोपी द्वारा किया गया कार्य इस्लाम और मानवता के विरुद्ध है।
- सामाजिक बहिष्कार: मुस्लिम समाज ने रिजवान खान को अपने समाज से पूरी तरह बहिष्कृत (Boycott) करने का ऐलान किया है।
- कठोर सजा की मांग: समुदाय ने मांग की है कि ऐसे व्यक्ति को कानून के तहत कड़ी से कड़ी सजा मिले ताकि वह समाज के लिए नजीर बन सके।
"हमारे धर्म में किसी भी दूसरे धर्म के प्रतीकों का अपमान करना वर्जित है। रिजवान जैसे व्यक्ति के कारण पूरे समाज पर उंगली उठती है, इसलिए हमने उसे समाज से बाहर करने का निर्णय लिया है।" — स्थानीय मुस्लिम प्रतिनिधि
मंदिर का शुद्धिकरण और भक्तों का आक्रोश
घटना के बाद मंदिर परिसर में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। अगले दिन सुबह हिंदू संगठनों और स्थानीय पुरोहितों द्वारा मंदिर का 'शुद्धिकरण' किया गया।
- विधि-विधान: शिवलिंग को नर्मदा जल और गंगाजल से स्नान कराया गया।
- अनुष्ठान: मंदिर परिसर में हनुमान चालीसा और शिव स्तोत्र का पाठ किया गया।
- महाशिवरात्रि की तैयारी: चूंकि महाशिवरात्रि का पर्व नजदीक है, श्रद्धालुओं ने संकल्प लिया कि वे मंदिर की पवित्रता को भंग नहीं होने देंगे।
प्रशासन की अपील: अफवाहों पर न दें ध्यान
जबलपुर पुलिस ने पूरे शहर में सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता कर दी है। संवेदनशील इलाकों में ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी जा रही है।
पुलिस अधीक्षक संपत उपाध्याय ने जनता से अपील की है:
"स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। हम सोशल मीडिया पर भी नजर रख रहे हैं। किसी भी भ्रामक जानकारी या अफवाह को शेयर न करें। शहर की शांति भंग करने की कोशिश करने वालों पर रासुका (NSA) के तहत कार्रवाई की जाएगी।"
निष्कर्ष: क्या कहते हैं समाज के बुद्धिजीवी?
जबलपुर की यह घटना हमें दो पहलू दिखाती है। एक ओर जहाँ नफरत फैलाने की कोशिश की गई, वहीं दूसरी ओर दोनों समुदायों के बीच समझदारी ने शहर को दंगों की आग में झुलसने से बचा लिया। मुस्लिम समाज द्वारा आरोपी का बहिष्कार करना एक सकारात्मक संदेश है, जो यह दर्शाता है कि अपराधी का कोई धर्म नहीं होता।
आगामी महाशिवरात्रि को देखते हुए पुलिस की गश्त और 'फ्लैग मार्च' लगातार जारी है। जबलपुर की जनता अब धीरे-धीरे सामान्य स्थिति की ओर लौट रही है, लेकिन इस घटना ने धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है।
Source: TV9


