"यूपी बजट 2026: योगी सरकार ने खोला खुशियों का पिटारा,किसानों की हुई 'चांदी'
"UP Budget 2026-27: योगी सरकार ने 9.12 लाख करोड़ का ऐतिहासिक बजट पेश किया। किसानों के लिए गन्ने के दाम में ₹30/कुंतल की वृद्धि, मुफ्त बिजली की निरंतरता और लखनऊ में एग्री हब का ऐलान। जानें अन्नदाताओं को मिलीं सभी बड़ी सौगातें और बजट की मुख्य बातें।"

"यूपी बजट 2026: योगी सरकार ने खोला खुशियों का पिटारा"
उत्तर प्रदेश
12:56 PM, Feb 11, 2026
O News हिंदी Desk
UP Budget 2026-27: योगी सरकार का ऐतिहासिक दांव, 9.12 लाख करोड़ के बजट में किसानों की हुई बल्ले-बल्ले
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल का एक और ऐतिहासिक बजट पेश कर दिया है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना द्वारा विधानसभा में पेश किया गया यह बजट न केवल विकास का रोडमैप है, बल्कि राज्य के अन्नदाताओं के लिए खुशियों का पिटारा भी है।
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजनीति और अर्थव्यवस्था के लिहाज से 11 फरवरी का दिन बेहद खास रहा। योगी सरकार ने अपना 10वां और अब तक का सबसे बड़ा बजट (वित्तीय वर्ष 2026-27) पेश किया। 9,12,696.35 करोड़ रुपये का यह भारी-भरकम बजट पिछले साल के मुकाबले 12.9% की बढ़ोतरी दर्शाता है। इस बजट की सबसे बड़ी चमक किसानों के चेहरे पर दिखी है, क्योंकि सरकार ने गन्ने के दाम बढ़ाने से लेकर मुफ्त बिजली तक, हर मोर्चे पर सौगातों की झड़ी लगा दी है।
1. रिकॉर्ड तोड़ बजट: आंकड़ों की जुबानी
योगी सरकार का यह बजट इस बात का प्रमाण है कि उत्तर प्रदेश अब 'बीमारू' राज्य की छवि छोड़ 'ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी' की ओर तेजी से बढ़ रहा है।
- कुल बजट: 9,12,696.35 करोड़ रुपये।
- तुलना: 2025-26 का बजट 8.08 लाख करोड़ था, यानी इस बार करीब 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का इजाफा हुआ है।
- लक्ष्य: समाज के हर वर्ग (महिला, युवा, किसान) का समावेशी विकास।
2. किसान बने 'बजट के हीरो': गन्ने के दाम में ₹30 का इजाफा
उत्तर प्रदेश की राजनीति और अर्थव्यवस्था में गन्ना किसान रीढ़ की हड्डी माने जाते हैं। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने घोषणा की कि पेराई सत्र 2025-26 के लिए गन्ना मूल्य में 30 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है।
इस एक फैसले से राज्य के लाखों गन्ना किसानों की जेब में सीधे तौर पर 3,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भुगतान पहुंचेगा। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि उनके अब तक के कार्यकाल में 3.04 लाख करोड़ रुपये से अधिक का गन्ना मूल्य भुगतान किया जा चुका है, जो पिछली सरकारों की तुलना में एक रिकॉर्ड है।
3. रबी और खरीफ फसलों पर धनवर्षा
किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य मिले, इसके लिए सरकार ने खरीद और भुगतान के आंकड़े साझा किए जो काफी प्रभावशाली हैं:
- गेहूं की खरीद: रबी विपणन वर्ष 2025-26 में 10.27 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया, जिसके बदले 2,512 करोड़ रुपये का भुगतान सीधे किसानों के खातों में हुआ।
- धान की खरीद: खरीफ सीजन में 42.96 लाख मीट्रिक टन धान खरीदकर 9,710 करोड़ रुपये दिए गए।
- मोटे अनाज को बढ़ावा: 'श्री अन्न' (बाजरा) की खेती को प्रोत्साहित करने के लिए 54,253 किसानों से 2.14 लाख मीट्रिक टन बाजरा खरीदकर 595 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया।
4. मुफ्त बिजली और सिंचाई की सुविधा
यूपी के किसानों के लिए सबसे बड़ी राहत 'मुफ्त बिजली' की निरंतरता है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि निजी नलकूपों (Private Tube wells) के माध्यम से सिंचाई करने वाले किसानों को 1 अप्रैल 2023 से मिल रही मुफ्त बिजली की सुविधा आगे भी जारी रहेगी। यह कदम सीधे तौर पर खेती की लागत को कम करने वाला है, जिससे छोटे और सीमांत किसानों को बड़ा संबल मिला है।
5. लखनऊ में बन रहा 'किसान एग्री हब'
आधुनिक खेती और बेहतर मार्केटिंग के लिए लखनऊ के गोमतीनगर में एक अत्याधुनिक 'किसान एग्री हब' का निर्माण किया जा रहा है। यह हब किसानों को अपनी फसल का न केवल उचित मूल्य दिलाने में मदद करेगा, बल्कि उन्हें नई तकनीक और वैश्विक बाजारों से भी जोड़ेगा। सरकार का लक्ष्य किसानों को केवल 'उत्पादक' नहीं, बल्कि 'उद्यमी' बनाना है।
6. कर्ज राहत और बीमा का सुरक्षा कवच
खेती में जोखिम को कम करने के लिए सरकार ने क्रेडिट और इंश्योरेंस पर भी जोर दिया है:
- फसली ऋण: वर्ष 2025-26 में दिसंबर तक 15 लाख से अधिक किसानों को 10,257 करोड़ रुपये का अल्पकालिक ऋण बांटा गया।
- फसल बीमा: प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत अब तक 62 लाख किसानों को 5,110 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति (Compensation) दी जा चुकी है। अकेले दिसंबर 2025 तक ही 2.69 लाख किसानों को 215 करोड़ रुपये का क्लेम मिल चुका है।
7. पीएम किसान सम्मान निधि: डीबीटी का जादू
भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था का उदाहरण देते हुए वित्त मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत दिसंबर 2025 तक यूपी के 3.12 करोड़ किसानों के खातों में 94,668 करोड़ रुपये सीधे (DBT के माध्यम से) भेजे गए हैं। यह देश के किसी भी राज्य में सबसे बड़ा आंकड़ा है।
8. कृषि उत्पादन में यूपी का दबदबा
बजट भाषण के दौरान सुरेश खन्ना ने गर्व से कहा कि उत्तर प्रदेश आज कई कृषि उत्पादों में देश का 'नंबर वन' राज्य है।
- अग्रणी उत्पादन: गेहूं, धान, गन्ना, आलू, मेंथा।
- बागवानी: केला, आम, अमरूद और आंवला उत्पादन में भी यूपी राष्ट्रीय स्तर पर पहले स्थान पर है।
विशेषज्ञ राय: क्या कहता है यह बजट?
आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि योगी सरकार का यह बजट 'ग्रोथ ओरिएंटेड' है। 9 लाख करोड़ से अधिक का आवंटन यह दर्शाता है कि सरकार बुनियादी ढांचे (Infrastructure) के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था (Rural Economy) को मजबूत करना चाहती है। किसानों को दी गई रियायतें ग्रामीण क्षेत्रों में क्रय शक्ति (Purchasing Power) बढ़ाएंगी, जिसका सीधा असर प्रदेश की जीडीपी पर पड़ेगा।
उत्तर प्रदेश विधान सभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट का प्रस्तुतीकरण...@SureshKKhanna https://t.co/4dER9md7zX
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) February 11, 2026
निष्कर्ष
यूपी बजट 2026-27 केवल आंकड़ों का खेल नहीं है, बल्कि यह आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश की नींव रखने वाला दस्तावेज है। किसानों के लिए गन्ने के दाम बढ़ाना और मुफ्त बिजली जारी रखना यह साबित करता है कि सरकार 'अन्नदाता' को सर्वोपरि रख रही है। अब देखना यह होगा कि धरातल पर इन योजनाओं का क्रियान्वयन कितनी तेजी से होता है।
क्या आप इस बजट से संतुष्ट हैं? या आप चाहते हैं कि किसानों के लिए कुछ और भी होना चाहिए था? हमें कमेंट में जरूर बताएं!
Disclaimer: यह रिपोर्ट यूपी बजट 2026-27 के आधिकारिक भाषण और आंकड़ों पर आधारित है।
Source: Onewshindi


