YouTuber Salim Attack: दफ्तर में घुसकर गला रेता, बेटे ने खोले बड़े नाम, गाजियाबाद में हड़कंप
"गाजियाबाद के लोनी में मशहूर यूट्यूबर सलीम वास्तिक पर उनके दफ्तर में घुसकर जानलेवा हमला। गर्दन और पेट पर चाकुओं से वार, हालत नाजुक। बेटे उस्मान ने भाटी बिल्डर और AIMIM नेता अजगर समेत 6 पर दर्ज कराई FIR। क्या पुरानी रंजिश या बेबाक बयानों के कारण हुआ हमला? पूरी रिपोर्ट और ताजा अपडेट के लिए पढ़ें OneNewsHindi।"

बेटे ने खोले बड़े नाम, गाजियाबाद में हड़कंप.!
गाजियाबाद
6:22 PM, Feb 28, 2026
O News हिंदी Desk
गाजियाबाद: यूट्यूबर सलीम वास्तिक पर दफ्तर में घुसकर जानलेवा हमला, बेटे ने भाटी बिल्डर और AIMIM नेता समेत 6 पर जताया शक
गाजियाबाद (लोनी): उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले का लोनी इलाका शनिवार सुबह उस वक्त दहल गया, जब मशहूर यूट्यूबर और टीवी पैनलिस्ट सलीम वास्तिक पर उनके ही कार्यालय में घुसकर जानलेवा हमला किया गया। बाइक सवार नकाबपोश हमलावरों ने सलीम के गले और पेट पर चाकुओं से ताबड़तोड़ वार किए। फिलहाल, सलीम दिल्ली के जीटीबी (GTB) अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे हैं।
इस घटना ने इलाके में सांप्रदायिक और राजनीतिक तनाव बढ़ा दिया है, जिसके मद्देनजर पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है।
वारदात का पूरा घटनाक्रम: सुबह-सुबह मची चीख-पुकार
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना शनिवार सुबह की है जब सलीम वास्तिक अपने लोनी स्थित कार्यालय में मौजूद थे। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि एक बाइक पर दो युवक आए थे, जिन्होंने हेलमेट पहन रखा था ताकि उनकी पहचान न हो सके।
- हमले का तरीका: हमलावर सीधे दफ्तर के अंदर घुसे और बिना कुछ कहे सलीम पर हमला बोल दिया।
- गंभीर चोटें: हमलावरों ने सलीम की गर्दन और पेट को निशाना बनाया। हमले के बाद सलीम खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर पड़े और हमलावर बाइक से फरार हो गए।
- अस्पताल में भर्ती: घायल सलीम को तुरंत स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उनकी नाजुक स्थिति को देखते हुए उन्हें दिल्ली के गुरु तेग बहादुर (GTB) अस्पताल रेफर कर दिया।
बेटे उस्मान का बड़ा दावा: रंजिश या वैचारिक मतभेद?
सलीम वास्तिक के बेटे उस्मान ने इस हमले के पीछे एक सोची-समझी साजिश का आरोप लगाया है। उस्मान ने पुलिस को दी तहरीर में पांच से छह लोगों के खिलाफ नामजद शिकायत दर्ज कराई है।
इन 6 लोगों के नाम आए सामने:
बेटे ने पुलिस को दिए बयान में जिन नामों का उल्लेख किया है, उनमें क्षेत्र के प्रभावशाली लोग शामिल हैं:
- भाटी बिल्डर
- अजगर (AIMIM नेता)
- अशरफ
- शाहरुख
- सोनू
- एक अन्य अज्ञात सहयोगी
उस्मान का दावा है कि इन लोगों की सलीम से पुरानी रंजिश थी। साथ ही, सलीम के बेबाक बयानों और टीवी डिबेट्स में उनके स्टैंड को लेकर भी ये लोग उनसे नाराज चल रहे थे।
सलीम वास्तिक: विवादों और चर्चाओं का केंद्र
सलीम वास्तिक कोई साधारण नाम नहीं हैं। वे सोशल मीडिया और नेशनल टीवी चैनल्स पर एक चर्चित चेहरा हैं। उनके हमले के पीछे के संभावित कारणों को समझने के लिए उनके बैकग्राउंड पर नजर डालना जरूरी है:
- धार्मिक सुधार की आवाज: सलीम अक्सर मुस्लिम समुदाय के भीतर व्याप्त कुछ रूढ़िवादी परंपराओं पर सवाल उठाते रहे हैं। उनके इन विचारों के कारण वे कट्टरपंथियों के निशाने पर रहे हैं।
- हिंदू संगठनों का समर्थन: कई मुद्दों पर उनके स्टैंड के कारण उन्हें हिंदू संगठनों का समर्थन प्राप्त होता रहा है, जिससे लोनी के कुछ स्थानीय गुटों में उनके प्रति नाराजगी थी।
- पुरानी धमकियां: परिजनों के अनुसार, सलीम को अपने विचारों के कारण पहले भी कई बार जान से मारने की धमकियां मिल चुकी थीं।
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मेडिकल अपडेट: हालत अब भी नाजुक
दिल्ली के जीटीबी अस्पताल से मिल रही जानकारी के मुताबिक, डॉक्टरों की एक टीम सलीम की जान बचाने में जुटी है।
"सलीम के गले पर लगा घाव काफी गहरा था, जिसका सफल ऑपरेशन कर दिया गया है। हालांकि, पेट में लगी चोट के कारण अंदरूनी अंगों को नुकसान पहुँचा है, जिसके लिए एक और बड़ा ऑपरेशन किया जाना है। अगले 48 घंटे उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।" - अस्पताल सूत्र
पुलिस की कार्रवाई और इलाके का माहौल
घटना के बाद से ही लोनी में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है। गाजियाबाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कई कड़े कदम उठाए हैं:
- सीसीटीवी फुटेज: पुलिस की टीमें कार्यालय के आसपास और भागने वाले रास्तों के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही हैं।
- टीमें गठित: आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए गाजियाबाद क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस की 5 टीमें गठित की गई हैं।
- सोशल मीडिया पर नजर: पुलिस ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर कोई भी भ्रामक या भड़काऊ पोस्ट न डाली जाए। पुलिस की एक विशेष यूनिट डिजिटल एक्टिविटी पर नजर रख रही है।
- सुरक्षा बल तैनात: एहतियातन लोनी के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल और पीएसी (PAC) की तैनाती कर दी गई है।
राजनीतिक सरगर्मी तेज
चूंकि इस मामले में एक AIMIM नेता का नाम भी सामने आया है, इसलिए यह मामला अब राजनीतिक तूल पकड़ता जा रहा है। विपक्षी दलों और स्थानीय नेताओं ने कानून व्यवस्था पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। वहीं, पुलिस का कहना है कि जांच निष्पक्ष होगी और नामजदगी के आधार पर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
निष्कर्ष
सलीम वास्तिक पर हुआ यह हमला केवल एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि वैचारिक स्वतंत्रता पर भी एक प्रहार के रूप में देखा जा रहा है। क्या यह हमला पुरानी रंजिश का नतीजा था या सलीम की बेबाकी की कीमत उन्हें चुकानी पड़ी? यह पुलिस जांच के बाद ही साफ हो पाएगा।
OneNewsHindi इस खबर पर अपनी नजर बनाए हुए है। जैसे ही आरोपियों की गिरफ्तारी या सलीम की सेहत को लेकर कोई नया अपडेट आता है, हम आप तक सबसे पहले पहुँचाएंगे।
Source: UP Tak


