“असम में बांग्लादेश-लिंक्ड जिहादी साजिश नाकाम, IMK मॉड्यूल के 11 आतंकी गिरफ्तार”
असम में बांग्लादेश-लिंक्ड जिहादी साजिश नाकाम। STF ने JMB से जुड़े IMK मॉड्यूल के 11 आतंकियों को गिरफ्तार किया। जानिए पूरा मामला।

असम में बांग्लादेश-लिंक्ड जिहादी साजिश नाकाम
असम
7:23 PM, Jan 29, 2026
O News हिंदी Desk
असम में बांग्लादेश-लिंक्ड जिहादी नेटवर्क का पर्दाफाश, IMK मॉड्यूल के 11 आतंकी गिरफ्तार
Assam Jihadi Module Busted | Bangladesh Terror Link | JMB | STF Assam Action
गुवाहाटी/नई दिल्ली: असम में एक बार फिर बांग्लादेश-लिंक्ड जिहादी साजिश को भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने नाकाम कर दिया है। असम पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 11 जिहादी आतंकियों को गिरफ्तार किया है, जो इमाम महमूदेर काफिला (IMK) नामक कट्टरपंथी संगठन से जुड़े थे। यह संगठन प्रतिबंधित आतंकी संगठन जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (JMB) का ही एक उग्रवादी विस्तार बताया जा रहा है।
🔴 किन जिलों में हुई कार्रवाई?
STF ने 29–30 दिसंबर की रात एक साथ कई जगह छापेमारी की। यह कार्रवाई
- बरपेटा
- चिरांग
- बक्सा
- दर्रांग (असम) और पश्चिम त्रिपुरा में की गई।
जांच एजेंसियों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी स्थानीय युवाओं को कट्टरपंथ की ओर धकेलने, भर्ती करने और हथियारों की ट्रेनिंग शुरू करने की तैयारी में थे।
🔴 ‘ग़ज़वतुल हिंद’ की साजिश
पूछताछ में बड़ा खुलासा हुआ है कि यह जिहादी मॉड्यूल भारत में “ग़ज़वतुल हिंद” की सोच का प्रचार कर रहा था। यह एक कट्टरपंथी जिहादी अवधारणा है, जिसका मकसद भारत को जिहाद के ज़रिए अपने कब्ज़े में लेना बताया जाता है।
सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक,
- कुछ आरोपी बांग्लादेश जाकर ट्रेनिंग ले चुके थे
- मॉड्यूल को सीमा पार से निर्देश और फंडिंग मिल रही थी
- IMK की स्थापना 2018 के आसपास JMB के एक पूर्व आतंकी ने की थी
🔴 2024 के बाद बढ़ी गतिविधियां
जांच में यह भी सामने आया है कि 2024 में बांग्लादेश में हुए राजनीतिक बदलावों के बाद इस नेटवर्क की गतिविधियां और तेज़ हो गईं। IMK असम के साथ-साथ त्रिपुरा में भी जिहादी नेटवर्क फैलाने की कोशिश कर रहा था।
🔴 पहले भी हो चुकी हैं ऐसी साजिशें नाकाम
भारतीय सुरक्षा एजेंसियां इससे पहले भी कई आतंकी संगठनों की कमर तोड़ चुकी हैं, जिनमें शामिल हैं:
इन्हें भी पढ़ें
- हरकत-उल-मुजाहिदीन (HUM) – 1990 का दशक
- जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (JMB)
- अंसार बंगला टीम (ABT) – 2019
अधिकारियों का कहना है कि असम में जनसांख्यिकीय बदलावों का फायदा उठाकर जिहादी संगठन बार-बार घुसपैठ की कोशिश करते हैं, इसलिए लगातार सतर्कता बेहद जरूरी है।
🔴 बांग्लादेश की स्थिति पर चिंता
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब बांग्लादेश में अंतरिम सरकार के दौर में कट्टरपंथी तत्वों को खुली छूट मिलने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, 12 फरवरी 2026 को बांग्लादेश में आम चुनाव प्रस्तावित हैं। सूत्रों का मानना है कि आने वाली सरकार भले ही पहले जैसी भारत-समर्थक न हो,
लेकिन 👉 भारत विरोधी आतंकी गतिविधियों को खुली छूट देना उसके लिए आसान नहीं होगा, क्योंकि बांग्लादेश की आर्थिक और भौगोलिक निर्भरता भारत पर बनी हुई है।
🔴 FIR दर्ज, जांच जारी
फिलहाल पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है और
- फंडिंग नेटवर्क
- प्रचार माध्यम
- और किसी बड़े आतंकी षड्यंत्र की गहराई से जांच की जा रही है।
निष्कर्ष (Conclusion)
असम में बांग्लादेश-लिंक्ड जिहादी मॉड्यूल का भंडाफोड़ यह साफ़ दिखाता है कि भारत की आंतरिक सुरक्षा को चुनौती देने वाली ताकतें लगातार सक्रिय हैं, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां भी पूरी मुस्तैदी से हर साजिश को नाकाम कर रही हैं। IMK जैसे संगठन प्रतिबंधित आतंकी नेटवर्क के नए चेहरे जरूर हैं, लेकिन उनका उद्देश्य वही पुराना है—देश में अस्थिरता फैलाना और युवाओं को कट्टरपंथ की ओर धकेलना।
इस कार्रवाई ने एक बार फिर साबित किया है कि असम और पूर्वोत्तर भारत की सुरक्षा के लिए सतर्कता, खुफिया तंत्र और सख्त कार्रवाई बेहद जरूरी है। साथ ही, सीमा पार से संचालित हो रहे आतंकी नेटवर्क पर कड़ी नजर और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहयोग को और मजबूत करने की आवश्यकता है।
कुल मिलाकर, यह ऑपरेशन न सिर्फ एक बड़े आतंकी खतरे को टालने में सफल रहा है, बल्कि यह भी संदेश देता है कि भारत विरोधी किसी भी साजिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और देश की सुरक्षा से समझौता करने वालों पर कानून का शिकंजा लगातार कसता रहेगा।
Source: The assam Tribune


