बीजेपी के नए 'बॉस' नितिन नवीन का बड़ा दांव: ऋतुराज सिन्हा को मिलेगी 'मिशन बंगाल' की कमान? अमित शाह के करीबी नेता पर टिकीं सबकी नजरें!
"बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन की नई टीम में बिहार के दिग्गज युवा नेता ऋतुराज सिन्हा को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी। क्या अमित शाह के करीबी ऋतुराज बनेंगे मिशन बंगाल के नए चाणक्य? देखिए ओन्यूज हिंदी की विशेष रिपोर्ट।"

बीजेपी के नए 'बॉस' नितिन नवीन का बड़ा दांव.!
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1:46 PM, Jan 21, 2026
O News हिंदी Desk
बीजेपी के नए 'बॉस' नितिन नवीन का मिशन बंगाल: क्या ऋतुराज सिन्हा बनेंगे मोदी-शाह के 'संकटमोचक'?
पटना/दिल्ली: भारतीय राजनीति के गलियारों में इस वक्त एक ही नाम की सबसे ज्यादा चर्चा है— नितिन नवीन। बीजेपी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में उनकी ताजपोशी ने यह साफ कर दिया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने अब पार्टी की कमान 'युवा जोश' के हाथों में सौंप दी है। लेकिन, इस बदलाव के साथ ही जो सबसे बड़ा सवाल उठ रहा है, वह यह कि नितिन नवीन की 'नई टीम' में कौन-कौन शामिल होगा?
सूत्रों और सियासी जानकारों की मानें तो इस टीम में बिहार के एक उभरते हुए दिग्गज का नाम सबसे ऊपर है— ऋतुराज सिन्हा। आइए समझते हैं कि क्यों ऋतुराज सिन्हा नितिन नवीन की टीम के सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ होने वाले हैं और कैसे वे बंगाल में बीजेपी का 'भगवा' फहराने में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।
युवा नेतृत्व और नितिन नवीन की नई रणनीति
महज 45 साल की उम्र में दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी के अध्यक्ष बनने वाले नितिन नवीन के सामने चुनौतियों का पहाड़ है। सबसे बड़ी चुनौती है— पश्चिम बंगाल। बंगाल एक ऐसा किला है जिसे भेदने के लिए अमित शाह की चाणक्य नीति और पीएम मोदी की रैलियों ने एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया, लेकिन ममता बनर्जी का तिलिस्म अब भी बरकरार है।
नितिन नवीन जानते हैं कि पुराने ढर्रे से हटकर अब 60 साल से कम उम्र के ऊर्जावान नेताओं की एक ऐसी फौज तैयार करनी होगी, जो जमीन पर उतरकर टीएमसी के कैडर्स का मुकाबला कर सके। इसी रणनीति के तहत बिहार के नेताओं पर भरोसा जताया जा रहा है, क्योंकि बिहार की राजनीति और बंगाल की भौगोलिक स्थिति में काफी समानताएं हैं।
ऋतुराज सिन्हा: अमित शाह के भरोसेमंद और साइलेंट ऑपरेटर
Ritu Raj Sinha
नितिन नवीन की नई टीम में जिस नाम पर मुहर लगना लगभग तय माना जा रहा है, वह हैं ऋतुराज सिन्हा। वर्तमान में जेपी नड्डा की टीम में राष्ट्रीय मंत्री के रूप में कार्य कर रहे ऋतुराज को बीजेपी का 'साइलेंट ऑपरेटर' कहा जाता है।
क्यों खास हैं ऋतुराज सिन्हा?
- मैनेजमेंट के मास्टर: ऋतुराज केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि एक कुशल रणनीतिकार भी हैं। 2014 और 2019 के लोकसभा चुनावों में उन्होंने पर्दे के पीछे रहकर कैंपेन कमेटी में जो काम किया, उसने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को प्रभावित किया।
- अमित शाह से नजदीकी: सियासी गलियारों में यह जगजाहिर है कि ऋतुराज सिन्हा को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का बेहद करीबी माना जाता है। 2015 के बिहार विधानसभा चुनाव में जब शाह ने खुद कमान संभाली थी, तब ऋतुराज उनके मुख्य सिपहसालारों में से एक थे।
- अनुभव का मिश्रण: 2005 में बीजेपी ज्वाइन करने के बाद से उन्होंने संगठन के हर स्तर पर काम किया है। 2017 से 2020 तक बिहार में नित्यानंद राय की टीम में रहकर उन्होंने संगठन की बारीकियों को समझा है।
क्या बंगाल फतह की चाबी ऋतुराज के पास है?
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बीजेपी के लिए बंगाल चुनाव अब केवल एक राज्य का चुनाव नहीं, बल्कि साख की लड़ाई बन चुका है। नितिन नवीन की टीम का प्राथमिक लक्ष्य बंगाल में ममता दीदी के प्रभाव को कम करना है।
ऋतुराज सिन्हा की ताकत उनका 'डेटा-ड्रिवेन कैंपेन' और 'बूथ मैनेजमेंट' है। बंगाल में बीजेपी को एक ऐसे चेहरे की जरूरत है जो पर्दे के पीछे रहकर एक मजबूत नेटवर्क तैयार कर सके। चूंकि ऋतुराज पहले ही राष्ट्रीय स्तर पर कैंपेन कमेटी का हिस्सा रह चुके हैं, इसलिए उन्हें बंगाल जैसे जटिल राज्य में नई जिम्मेदारी मिलना तय माना जा रहा है। जानकारों का कहना है कि उन्हें नितिन नवीन की टीम में कोई बड़ा सांगठनिक पद या किसी महत्वपूर्ण राज्य का प्रभारी बनाया जा सकता है।
बिहार के अन्य चेहरों पर भी रहेगी नजर
नितिन नवीन की टीम केवल ऋतुराज सिन्हा तक सीमित नहीं रहेगी। बिहार के कोटे से कई अन्य नामों पर भी विचार चल रहा है:
- श्रेयसी सिंह: बिहार सरकार में मंत्री और अंतरराष्ट्रीय शूटर श्रेयसी सिंह को टीम में शामिल कर बीजेपी महिला वोटरों और युवाओं को साधने की कोशिश करेगी।
- विनोद तावड़े: बिहार के प्रभारी रहे विनोद तावड़े का प्रमोशन लगभग तय है। उनके अनुभव का लाभ नितिन नवीन राष्ट्रीय स्तर पर लेंगे।
निष्कर्ष: क्या बदलेगी बीजेपी की किस्मत?
नितिन नवीन का अध्यक्ष बनना और ऋतुराज सिन्हा जैसे युवा नेताओं का उनके साथ जुड़ना, बीजेपी के एक नए युग की शुरुआत है। यह टीम 'अनुभव' और 'आधुनिक राजनीति' का एक अनोखा संगम होगी।
ऋतुराज सिन्हा के लिए यह अग्निपरीक्षा जैसा होगा। अगर वे अपनी रणनीतियों से बंगाल या अन्य चुनावी राज्यों में पार्टी को मजबूती दिलाने में कामयाब रहे, तो आने वाले समय में वे केंद्र की राजनीति के सबसे कद्दावर चेहरों में गिने जाएंगे। फिलहाल, सबकी नजरें नितिन नवीन की उस 'लिस्ट' पर टिकी हैं, जो बीजेपी के भविष्य की नई इबारत लिखेगी।
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Source: Onews हिंदी


