Fact Check: क्या SBI, PNB और Bank of Baroda में हो रहा है 9 सरकारी बैंकों का मर्ज? जानें सोशल मीडिया पर वायरल गैजेट की सच्चाई
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा 9 सरकारी बैंकों (SBI, PNB, BoB) के विलय का गैजेट नोटिफिकेशन पूरी तरह फर्जी है। PIB Fact Check और वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि सरकार द्वारा ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया गया है। अफवाहों से सावधान रहें।

Fact Check: क्या SBI, PNB और Bank of Baroda में हो रहा है 9 सरकारी बैंकों का मर्ज? जानें सोशल मीडिया पर वायरल गैजेट की सच्चाई
दिल्ली
12:56 PM, Sep 17, 2026
O News हिंदी Desk
सोशल मीडिया और WhatsApp ग्रुप्स में "Plan for Merger of Public Sector Banks, 2026" (पब्लिक सेक्टर बैंकों के विलय की योजना, 2026) नाम का एक गैज़ेट नोटिफिकेशन तेज़ी से फैल रहा है। दो पेज के इस डॉक्यूमेंट में दावा किया गया है कि केंद्र सरकार और रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया (RBI) नौ बड़े पब्लिक सेक्टर बैंकों (PSU बैंकों) का विलय स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक और बैंक ऑफ़ बड़ौदा में करने की योजना बना रहे हैं।
अगर आपको यह PDF या मैसेज मिला है, तो कृपया ध्यान दें कि यह पूरी तरह से नकली और गुमराह करने वाला है। वित्त मंत्रालय और PIB फैक्ट चेक ने इस मामले में एक आधिकारिक चेतावनी जारी की है।
PIB Fact Check की आधिकारिक पुष्टि
प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) जोकि भारत सरकार की आधिकारिक सूचना एजेंसी है, उनकी फैक्ट-चेक टीम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) पर स्थिति को साफ़ कर दिया है. उनका कहना है कि "यह दस्तावेज़ पूरी तरह से नकली है और इसे वित्त मंत्रालय (@FinMinIndia) ने जारी नहीं किया है। जनता से अपील की जाती है कि वे ऐसे बिना पुष्टि वाले दस्तावेज़ों पर भरोसा न करें और न ही उन्हें आगे भेजें।"
वित्तीय विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी आधिकारिक सरकारी गजट नोटिफिकेशन में 'द गजट ऑफ़ इंडिया' का सही फ़ॉर्मेट, एक बारकोड और आधिकारिक ई-गजट पोर्टल (egazette.gov.in) का वेरिफिकेशन लिंक होता है. जिसके अनुसार इनमें से कोई भी चीज़ इस नकली दस्तावेज़ में मौजूद नहीं है।
A document circulating on social media, purportedly issued by the Ministry of Finance, claims that the Central Government has notified a scheme for the amalgamation of Public Sector Banks.#PIBFactCheck:
— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) September 16, 2026
❌ The document is #Fake and has NOT been issued by @FinMinIndia.
🔰… pic.twitter.com/nCbOS9fRFX
Viral Fake Notification का विश्लेषण
जारी हुए नोटिफिकेशन को ध्यानपूर्वक देखने के बाद पता चला है कि डॉक्यूमेंट को असली दिखाने के लिए धोखाधड़ी करने वालों ने कई टेक्निकल डिटेल्स शामिल कीं, जो जांचने पर पूरी तरह से मनगढ़ंत पाई गईं है. जिसमे:
- कथित रेफरेंस नंबर: F. No. 10/03/2026-BO.I और G.S.R. 612(E)
- कथित जारी होने की तारीख: 15 सितंबर, 2026
- कानूनी रेफरेंस: बैंकिंग कंपनीज़ (अंडरटेकिंग्स का अधिग्रहण और ट्रांसफर) एक्ट, 1970 और 1980 की धारा 9
- काल्पनिक अधिकारी का नाम: डॉ. एम. पी. शर्मा (संयुक्त सचिव, भारत सरकार)
आप ऐसी फ़ेक न्यूज़ से कैसे बच सकते हैं?
जब आपको बैंकिंग या फ़ाइनेंशियल नोटिफ़िकेशन मिलें, तो PIB फ़ैक्ट चेक या वित्त मंत्रालय की ऑफ़िशियल वेबसाइट ज़रूर देखें। ऐसी ख़बरों को पहले वेरिफ़ाई किए बिना WhatsApp ग्रुप या सोशल मीडिया पर शेयर न करें। साइबर फ्रॉड करने वाले अक्सर घबराहट पैदा करने वाली ऐसी स्थितियों का फ़ायदा उठाकर कॉल या SMS के ज़रिए बैंक अकाउंट अपडेट करने के बहाने धोखाधड़ी करते हैं। अपना OTP या बैंकिंग पासवर्ड कभी भी किसी के साथ शेयर न करें।
Source: Moneycontrol


