नूंह: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर 'बजरंग दल' के नाम पर लूट करने वाला फैज मोहम्मद गिरफ्तार, पुलिस ने किया बड़ा खुलासा
"नूंह पुलिस ने दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर हुई लूटपाट के मामले में फैज मोहम्मद को किया गिरफ्तार। आरोपियों ने बजरंग दल का नाम लेकर यात्रियों को डराया था। पुलिस अब फरार साथियों की तलाश में दे रही है दबिश।"

'बजरंग दल' के नाम पर लूट करने वाला फैज मोहम्मद गिरफ्तार,
नूंह/hariyana
6:27 PM, Jan 30, 2026
O News हिंदी Desk
नूंह: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर 'बजरंग दल' के नाम पर लूट का पर्दाफाश, मुख्य आरोपी फैज मोहम्मद गिरफ्तार
नूंह (हरियाणा): हरियाणा का नूंह जिला एक बार फिर सुर्खियों में है, लेकिन इस बार मामला किसी आपसी टकराव का नहीं बल्कि एक शातिर लूट का है। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर खुद को बजरंग दल का सदस्य बताकर यात्रियों को लूटने वाले गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी फैज मोहम्मद को गिरफ्तार कर लिया है, जिससे इस पूरी साजिश की परतें खुल गई हैं।
आधी रात का खौफ: जब मदद की जगह मिली मारपीट
घटना की शुरुआत 23 जनवरी की रात करीब 1:30 से 2:00 बजे के बीच हुई। दिल्ली के रहने वाले राजू और उनके साथी दिलशाद अपनी गाड़ी में मेडिकल सप्लाई लेकर दिल्ली से मध्य प्रदेश की ओर जा रहे थे। सफर के दौरान फिरोजपुर झिरका सदर थाना क्षेत्र के अंतर्गत घाटा शमशाबाद टोल प्लाजा से थोड़ा आगे (चैनल नंबर 73 के पास) उनकी गाड़ी अचानक खराब हो गई।
सुनसान एक्सप्रेसवे पर रात के अंधेरे में फंसे पीड़ितों ने हेल्पलाइन नंबर 1033 और टाटा मोटर्स को मदद के लिए फोन किया, लेकिन किस्मत खराब थी कि उन्हें समय पर कोई रिस्पांस नहीं मिला। इसी लाचारी का फायदा उठाने के लिए अंधेरे से एक बोलेरो कैंपर गाड़ी निकली।
'बजरंग दल' का नाम लेकर की लूटपाट
पीड़ितों ने बताया कि बोलेरो कैंपर से 4-5 युवक उतरे। डराने-धमकाने के लिए उन्होंने खुद को बजरंग दल का सदस्य बताया। इसके बाद उन्होंने राजू और दिलशाद पर लात-घूसों से हमला कर दिया। बदमाशों ने न केवल उनके मोबाइल और 17,000 रुपये नकद छीने, बल्कि जबरन यूपीआई (UPI) पिन लेकर 5,000 रुपये ऑनलाइन भी ट्रांसफर करवा लिए।
"अपराधियों ने जानबूझकर एक संगठन का नाम लिया ताकि पीड़ित डर जाएं और पुलिस जांच को भी एक अलग दिशा में मोड़ा जा सके। यह एक सोची-समझी साजिश थी।" - अजायब सिंह, डीएसपी, फिरोजपुर झिरका।
पुलिस की तफ्तीश: सीसीटीवी और तकनीकी साक्ष्यों ने खोला राज
घटना के बाद पीड़ितों ने तुरंत फिरोजपुर झिरका सदर थाने में एफआईआर दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए विशेष टीम का गठन किया। जांच के दौरान पुलिस ने दो मुख्य बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित किया:
- सीसीटीवी फुटेज: एक्सप्रेसवे और टोल प्लाजा के कैमरों को खंगाला गया।
- सीडीआर (CDR): घटनास्थल के आसपास सक्रिय मोबाइल नंबरों की जांच की गई।
तफ्तीश के दौरान पुलिस को एक बोलेरो कैंपर की एंट्री और एग्जिट स्लिप मिली। गाड़ी के नंबर के आधार पर पुलिस राजस्थान के डीग जिले के थाना सीकरी के गांव बेला पहुंची। यहाँ से पुलिस को गाड़ी के मालिक फैज मोहम्मद (पुत्र इस्लामुद्दीन) के बारे में पुख्ता जानकारी मिली।
मुख्य आरोपी फैज मोहम्मद गिरफ्तार
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28 जनवरी को पुलिस ने जाल बिछाकर आरोपी फैज मोहम्मद को दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसके पास से निम्नलिखित सामान बरामद किया है:
- लूट में इस्तेमाल की गई गाड़ी (बोलेरो कैंपर)
- एक लूटा हुआ मोबाइल फोन
- दो सिम कार्ड
- नकद राशि और एक घड़ी
पूछताछ के दौरान फैज मोहम्मद ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उसने खुलासा किया कि लूट के दौरान संगठन का नाम केवल डराने और गुमराह करने के लिए इस्तेमाल किया गया था।
फरार साथियों की तलाश जारी
पुलिस के अनुसार, फैज मोहम्मद के 3-4 साथी अभी भी फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश में छापेमारी कर रही है। डीएसपी अजायब सिंह ने स्पष्ट किया है कि अपराधियों का कोई धर्म या संगठन नहीं होता, उनका मकसद केवल वारदात को अंजाम देना था।
इस घटना से जुड़े कुछ मुख्य तथ्य:
निष्कर्ष और सुरक्षा सलाह
नूंह पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने अपराधियों के हौसले पस्त किए हैं। एक्सप्रेसवे पर सफर करने वाले यात्रियों के लिए यह घटना एक सबक भी है। रात के समय गाड़ी खराब होने पर सुरक्षित स्थान पर रुकें और तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम (112) को सूचित करें।
पुलिस अब इस मामले में फैज मोहम्मद से रिमांड के दौरान पूछताछ कर रही है ताकि उसके अन्य साथियों तक पहुँचा जा सके और इलाके में सक्रिय अन्य लुटेरों के नेटवर्क को ध्वस्त किया जा सके।
Source: ABP


