'वर्ल्ड कप भारत में खेलो वरना बाहर रहो!' ICC ने बांग्लादेश को दिया 21 जनवरी का अल्टीमेटम
ICC ने बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) को सख्त अल्टीमेटम दिया है! 'वर्ल्ड कप भारत में खेलो वरना बाहर रहो' के संदेश के साथ ICC ने भागीदारी पर फैसले के लिए 21 जनवरी की डेडलाइन तय की है। जानें क्या है पूरा विवाद, भारत का स्टैंड और बांग्लादेश के वर्ल्ड कप से बाहर होने का खतरा। पूरी खबर यहाँ पढ़ें।

'वर्ल्ड कप भारत में खेलो वरना बाहर रहो!'
delhi
12:28 PM, Jan 19, 2026
O News हिंदी Desk
ICC का बांग्लादेश को अल्टीमेटम: 'वर्ल्ड कप भारत में खेलो या फिर बाहर रहो', जानें क्या है पूरा विवाद
क्रिकेट जगत से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) को लेकर कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। आगामी टी20 विश्व कप को लेकर आईसीसी ने बांग्लादेश को 21 जनवरी तक का अल्टीमेटम दिया है।
मुख्य बातें:
- ICC की सख्त चेतावनी: बांग्लादेश को भागीदारी पर अंतिम फैसला लेने के लिए 21 जनवरी की डेडलाइन।
- भारत का रुख: सुरक्षा और राजनीतिक कारणों से वर्ल्ड कप के आयोजन स्थल को लेकर खींचतान।
- BCB की दुविधा: घरेलू राजनीति और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट प्रतिबद्धताओं के बीच फंसा बोर्ड।
क्या है पूरा मामला?
क्रिकेट की दुनिया में इन दिनों हलचल तेज है। रिपोर्ट के अनुसार, ICC ने बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) को स्पष्ट संदेश भेज दिया है कि उन्हें आगामी टी20 विश्व कप में अपनी भागीदारी और वेन्यू को लेकर अपनी स्थिति साफ करनी होगी। ICC ने इसके लिए 21 जनवरी की तारीख तय की है। अगर इस तारीख तक बांग्लादेश कोई ठोस फैसला नहीं लेता है, तो उसे टूर्नामेंट से बाहर का रास्ता भी दिखाया जा सकता है।
दरअसल, यह विवाद मुख्य रूप से वर्ल्ड कप के आयोजन और उसमें टीमों की सुरक्षा को लेकर जुड़ा है। हाल के दिनों में बांग्लादेश में आए राजनीतिक बदलावों और सुरक्षा चिंताओं के कारण टूर्नामेंट के आयोजन स्थलों में फेरबदल की चर्चाएं थीं।
भारत में खेलने को लेकर क्यों है पेंच?
ICC चाहता है कि टूर्नामेंट का सुचारू संचालन हो। चूंकि भारत क्रिकेट का सबसे बड़ा हब है और यहाँ बुनियादी ढांचा विश्वस्तरीय है, इसलिए कई बड़े टूर्नामेंट्स के लिए भारत को प्राथमिकता दी जाती है। हालांकि, बांग्लादेश के भीतर से कुछ ऐसी आवाजें उठी थीं जो सुरक्षा या अन्य कारणों का हवाला देकर तटस्थ स्थान (Neutral Venue) की मांग कर रही थीं।
लेकिन ICC ने अब अपने तेवर कड़े कर लिए हैं। काउंसिल का मानना है कि टूर्नामेंट के शेड्यूल में बार-बार बदलाव करना स्पॉन्सर्स और ब्रॉडकास्टर्स के लिए नुकसानदेह होता है। इसीलिए, सीधा फरमान सुनाया गया है— "भारत में खेलो वरना बाहर रहो।"
21 जनवरी: बांग्लादेश क्रिकेट के लिए 'कयामत की रात'?
21 जनवरी की समयसीमा कोई सामान्य डेडलाइन नहीं है। यह बांग्लादेश क्रिकेट के भविष्य का फैसला कर सकती है। यदि BCB इस अल्टीमेटम को स्वीकार नहीं करता है, तो:
- वित्तीय नुकसान: ICC से मिलने वाले रेवेन्यू शेयर में भारी कटौती हो सकती है।
- रैंकिंग पर असर: बड़े टूर्नामेंट्स से बाहर होने का मतलब है कि बांग्लादेश की आईसीसी रैंकिंग धड़ाम से गिर जाएगी।
- खिलाड़ियों का भविष्य: शाकिब अल हसन जैसे अनुभवी खिलाड़ियों और उभरते सितारों के लिए यह एक बड़ा झटका होगा।
इन्हें भी पढ़ें
बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) का पक्ष
फिलहाल BCB के भीतर बैठकों का दौर जारी है। बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि वे अपने खिलाड़ियों की सुरक्षा और देश के सम्मान को सर्वोपरि रखते हैं। हालांकि, आईसीसी के इस कड़े रुख ने उन्हें बैकफुट पर धकेल दिया है। सूत्रों की मानें तो बोर्ड के कुछ सदस्य बीच का रास्ता निकालने की कोशिश कर रहे हैं ताकि टूर्नामेंट भी न छूटे और उनकी शर्तें भी मान ली जाएं।
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की भूमिका
इस पूरे मामले में BCCI की भूमिका एक 'साइलेंट ऑब्जर्वर' की रही है। भारत ने हमेशा साफ किया है कि वह आईसीसी के हर फैसले का सम्मान करता है और किसी भी बड़े टूर्नामेंट की मेजबानी के लिए पूरी तरह तैयार है। अगर बांग्लादेश भारत आकर खेलने से इनकार करता है, तो भारत को इसमें कोई आपत्ति नहीं होगी, लेकिन ICC का यह अल्टीमेटम दिखाता है कि विश्व क्रिकेट की सर्वोच्च संस्था अब अनुशासन को लेकर कितनी गंभीर है।
फैंस की प्रतिक्रिया: सोशल मीडिया पर छिड़ी जंग
जैसे ही यह खबर बाहर आई, सोशल मीडिया पर 'World Cup 2026' और 'ICC vs BCB' ट्रेंड करने लगा। भारतीय फैंस का कहना है कि अगर बांग्लादेश को अपनी ताकत दिखानी है तो उन्हें मैदान पर आकर खेलना चाहिए, न कि वेन्यू को लेकर राजनीति करनी चाहिए। वहीं, बांग्लादेशी फैंस अपने बोर्ड से मांग कर रहे हैं कि वे झुकें नहीं।
विशेषज्ञ की राय: "क्रिकेट अब सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि एक बड़ा बिजनेस है। ICC कभी नहीं चाहेगा कि किसी एक बोर्ड की जिद की वजह से पूरा ग्लोबल इवेंट खराब हो। बांग्लादेश को व्यावहारिक होना होगा।"
निष्कर्ष: क्या होगा आगे?
अब सबकी निगाहें 21 जनवरी पर टिकी हैं। क्या बांग्लादेश ICC की शर्तों को मानकर भारत में खेलने के लिए तैयार होगा? या फिर क्रिकेट के इतिहास में एक नया विवाद जन्म लेगा जिसमें एक पूर्ण सदस्य देश विश्व कप जैसे बड़े मंच से गायब रहेगा?
क्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल है, और यह अनिश्चितता अब पिच से निकलकर बोर्ड रूम तक पहुंच गई है।
क्या आपको लगता है कि बांग्लादेश को ICC की बात मान लेनी चाहिए? अपनी राय हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।
Source: AAj tak


