Weather Update 2026: 19 जनवरी तक भारी बारिश और बर्फबारी का अलर्ट, इन राज्यों में 'सीवियर कोल्ड वेव' की चेतावनी
सावधान! 19 जनवरी तक मौसम लेगा खतरनाक रूप। भारी बारिश, हिमपात और भीषण शीतलहर को लेकर IMD की चेतावनी जारी। दिल्ली-NCR में घने कोहरे का संकट, पढ़ें लेटेस्ट अपडेट।

"आसमान में बन रहे खतरनाक सिस्टम " (PICS-AI)
delhi
6:48 PM, Jan 13, 2026
O News हिंदी Desk
Weather Update 2026: उत्तर भारत पर मंडराया 'मौसम का ट्रिपल अटैक', 19 जनवरी तक भारी बारिश, बर्फबारी और कड़ाके की ठंड का रेड अलर्ट
नई दिल्ली | Weather News Desk: onewshindi.com
साल 2026 की शुरुआत के साथ ही कुदरत के तेवर तीखे नजर आ रहे हैं। देश के बड़े हिस्से में मौसम ने अब अपनी सबसे खतरनाक शक्ल अख्तियार करना शुरू कर दिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, आगामी 19 जनवरी तक पूरे भारत के मौसम में भारी उथल-पुथल मचने वाली है।
इस बार खतरा केवल कड़ाके की ठंड तक सीमित नहीं है, बल्कि आसमान में बन रही कई जटिल मौसमी प्रणालियों (Meteorological Systems) ने एक साथ दस्तक दी है। ऊपरी ट्रोपोस्फीयर (Tropospheric) में कई साइक्लोनिक सर्कुलेशन (Cyclonic Circulation) सक्रिय हो गए हैं, जो बारिश, बर्फबारी और हाड़ कंपाने वाली शीत लहर का कारण बनेंगे।
पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) की एंट्री: 15 जनवरी से बदलेगा मंजर
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, एक सक्रिय 'वेस्टर्न डिस्टर्बेंस' 15 जनवरी 2026 की रात से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करने जा रहा है। इसका सीधा असर पहाड़ों से लेकर मैदानी इलाकों तक दिखाई देगा। जब यह विक्षोभ ठंडी हवाओं से टकराएगा, तो पहाड़ों पर भारी हिमपात (Snowfall) और निचले इलाकों में बारिश की स्थिति पैदा होगी।
इतना ही नहीं, उत्तर भारत के ऊपर लगभग 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर 100 नॉट की रफ्तार से सबट्रॉपिकल वेस्टरली जेट स्ट्रीम (Jet Stream) बह रही है। यह तेज रफ्तार हवाएं मौसम को और भी उग्र बना रही हैं, जिससे तापमान में अचानक गिरावट और नमी का स्तर बढ़ना तय है।
राज्यों का हाल: कहां होगी बारिश और कहां गिरेगा बर्फ?
अगले कुछ दिन देश के अलग-अलग हिस्सों के लिए काफी चुनौतीपूर्ण होने वाले हैं। मौसम विभाग ने क्षेत्रवार चेतावनी जारी की है:
1. उत्तर भारत के पहाड़ी राज्य (Hills Alert)
16 से 19 जनवरी के बीच जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, मुजफ्फराबाद, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और भारी बर्फबारी (Snowfall) के आसार हैं। पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को पहाड़ों की यात्रा न करने की सलाह दी गई है क्योंकि भूस्खलन (Landslides) का खतरा बढ़ सकता है।
2. मैदानी इलाकों में बारिश (Rain in Plains)
पहाड़ों पर होने वाली हलचल का असर 18 और 19 जनवरी को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में देखने को मिलेगा। यहां गरज-चमक के साथ बारिश होने की पूरी संभावना है। इससे रबी की फसलों पर मिश्रित असर पड़ सकता है।
3. दक्षिण भारत का हाल
दक्षिण में भी स्थिति सामान्य नहीं है। गल्फ ऑफ मन्नार के पास एक चक्रवाती सर्कुलेशन बना हुआ है। इसके प्रभाव से 13 जनवरी को तमिलनाडु और केरल के कई जिलों में बिजली कड़कने के साथ तेज बारिश की चेतावनी दी गई है।
कोहरे का 'येलो' और 'ऑरेंज' अलर्ट: शून्य हो सकती है विजिबिलिटी
ठंड के साथ-साथ घना कोहरा (Dense Fog) अब यातायात के लिए सबसे बड़ी मुसीबत बनने जा रहा है।
- दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़: इन इलाकों में 15 जनवरी तक सुबह के समय 'बहुत घना कोहरा' छाए रहने की चेतावनी है। कई जगहों पर विजिबिलिटी (दृश्यता) 50 मीटर से भी कम रह सकती है, जिससे सड़क, रेल और हवाई यातायात बुरी तरह प्रभावित होगा।
- उत्तर प्रदेश: पश्चिमी यूपी में 19 जनवरी तक और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 17 से 20 जनवरी के बीच 'बेहद घना कोहरा' छाने की संभावना जताई गई है।
यात्रियों के लिए सलाह: कोहरे के कारण लंबी दूरी की ट्रेनें और उड़ानें रद्द या देरी से चल सकती हैं। घर से निकलने से पहले स्टेटस जरूर चेक करें।
शीत लहर (Cold Wave) और पाला: कृषि पर मंडराता खतरा
मौसम विभाग ने उत्तर-पश्चिम भारत के लिए भीषण शीत लहर (Severe Cold Wave) की चेतावनी जारी की है।
- पंजाब, हरियाणा और राजस्थान: 14 और 15 जनवरी को इन राज्यों में 'सीवियर कोल्ड वेव' की स्थिति रहेगी। तापमान जमाव बिंदु (Zero Degree) के करीब पहुंच सकता है।
- उत्तराखंड और पश्चिमी यूपी में पाला (Frost): 13 और 14 जनवरी को इन क्षेत्रों में जमीन पर पाला गिरने की चेतावनी है। यह स्थिति सरसों और आलू जैसी फसलों के लिए बेहद हानिकारक साबित हो सकती है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी फसलों को बचाने के लिए हल्की सिंचाई या धुएं का प्रयोग करें।
समुद्र में हलचल: मछुआरों के लिए सख्त निर्देश
खाड़ी बंगाल (Bay of Bengal), गल्फ ऑफ मन्नार और कोमोरिन क्षेत्र में मौसम काफी खराब रहने वाला है। 13 से 18 जनवरी 2026 के बीच समुद्र में तेज हवाएं चलने और लहरें उठने की आशंका है। सुरक्षा के मद्देनजर मछुआरों को इन तारीखों के दौरान समुद्र में न जाने की सख्त हिदायत दी गई है।
तापमान का पूर्वानुमान: कब मिलेगी राहत?
अगले 48 घंटों तक उत्तर-पश्चिम भारत के न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होने वाला है। हालांकि, 15 जनवरी के बाद तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस की मामूली बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है, लेकिन नमी और ठंडी हवाओं के कारण 'कनकनी' (Chill Factor) बनी रहेगी।
निष्कर्ष और सुरक्षा उपाय
जनवरी 2026 का यह हफ्ता देश के लिए मौसमी नजरिए से अत्यंत संवेदनशील है। भारी बारिश, कोहरा और शीत लहर का यह 'ट्रिपल कॉम्बो' स्वास्थ्य और सुरक्षा दोनों के लिए जोखिम भरा है।
क्या करें?
- गरम कपड़ों की कई परतें पहनें।
- कोहरे के दौरान गाड़ी चलाते समय फॉग लाइट्स का प्रयोग करें।
- बुजुर्गों और बच्चों का खास ख्याल रखें, क्योंकि कोल्ड डे की स्थिति निमोनिया और सांस की बीमारियों को बढ़ा सकती है।
- बिजली कड़कने के समय पेड़ों के नीचे या खुले मैदान में न जाएं।
onewshindi.com अपने पाठकों से अपील करता है कि वे मौसम विभाग की आधिकारिक सूचनाओं पर नजर रखें और सुरक्षित रहें।
Source: onewshindidesk


