अल-फलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी गिरफ्तार: लाल किला ब्लास्ट से जुड़े तार, UGC की शिकायत पर बड़ी कार्रवाई
दिल्ली पुलिस ने अल-फलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी को धोखाधड़ी और जालसाजी मामले में गिरफ्तार किया है। लाल किला ब्लास्ट से लेकर 140 करोड़ की संपत्ति कुर्क होने तक, जानें क्या है पूरा मामला। पूरी खबर यहाँ पढ़ें।

अल-फलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी गिरफ्तार
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12:27 PM, Feb 5, 2026
O News हिंदी Desk
अल-फलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी गिरफ्तार: लाल किला ब्लास्ट से लेकर फर्जीवाड़े तक, पढ़ें पूरी इनसाइड स्टोरी
नई दिल्ली/फरीदाबाद: राजधानी दिल्ली और हरियाणा के फरीदाबाद की सीमाओं पर स्थित प्रतिष्ठित 'अल-फलाह यूनिवर्सिटी' एक बार फिर विवादों के केंद्र में है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी जालसाजी और धोखाधड़ी के गंभीर आरोपों में हुई है।
गुरुवार, 05 फरवरी 2026 की सुबह हुई इस गिरफ्तारी ने न केवल शैक्षणिक गलियारों में हलचल मचा दी है, बल्कि उन कड़ियों को भी जोड़ना शुरू कर दिया है जिनका तार पिछले साल हुए दिल्ली ब्लास्ट से जुड़ा हुआ था।
UGC की शिकायत पर हुई बड़ी कार्रवाई
जवाद अहमद सिद्दीकी की गिरफ्तारी अचानक नहीं हुई है। इसके पीछे विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) की एक लंबी जांच और शिकायत है। सूत्रों के मुताबिक, सिद्दीकी के खिलाफ यूजीसी ने जालसाजी और दस्तावेजों में हेराफेरी की शिकायत दर्ज कराई थी।
- दो अलग-अलग FIR: दिल्ली पुलिस ने चेयरमैन के खिलाफ दो अलग-अलग प्राथमिकताएं (FIR) दर्ज की थीं।
- फर्जीवाड़े का आरोप: आरोप है कि यूनिवर्सिटी के संचालन और मान्यता से जुड़े कुछ दस्तावेजों में बड़े स्तर पर हेरफेर की गई थी।
- कोर्ट का फैसला: गिरफ्तारी के बाद सिद्दीकी को दिल्ली की एक अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें 4 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस अब इस रिमांड के दौरान फर्जीवाड़े के इस बड़े जाल की परतों को उधेड़ने की कोशिश करेगी।
लाल किला ब्लास्ट और अल-फलाह का कनेक्शन
अल-फलाह यूनिवर्सिटी पहली बार तब सुर्ख़ियों में आई जब 10 नवंबर को दिल्ली के लाल किला के पास एक बम विस्फोट हुआ था। इस धमाके के बाद जब सुरक्षा एजेंसियों ने जांच की सुई घुमाई, तो कई संदिग्ध कड़ियां इस यूनिवर्सिटी के दरवाजे पर जाकर रुकीं।
तभी से यह संस्थान और इसके चेयरमैन सुरक्षा एजेंसियों (NIA, ED और दिल्ली पुलिस) की रडार पर थे। जांच एजेंसियों को संदेह है कि संस्थान के कुछ संसाधनों या संपर्कों का इस्तेमाल संदिग्ध गतिविधियों में किया गया होगा।
ED की 1000 पन्नों की चार्जशीट और 140 करोड़ की कुर्की
चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी की मुश्किलें केवल पुलिस तक सीमित नहीं हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से पहले ही बड़ी कार्रवाई कर चुका है।
संपत्तियों पर चला सरकारी चाबुक
इसी साल 16 जनवरी 2026 को ईडी ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अल-फलाह यूनिवर्सिटी की लगभग 140 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति को कुर्क कर लिया था। इसमें यूनिवर्सिटी की जमीन और महत्वपूर्ण इमारतें शामिल थीं।
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चार्जशीट के बड़े खुलासे
ईडी ने अदालत में 1000 पन्नों की एक विशाल चार्जशीट पेश की है। इस चार्जशीट में यूनिवर्सिटी के वित्तीय लेन-देन, विदेशों से मिलने वाले कथित फंड और लाल किला ब्लास्ट के बाद सामने आए संदिग्ध ट्रांजेक्शन का विस्तृत ब्यौरा दिया गया है।
छात्रों और अभिभावकों में बढ़ी चिंता
इस गिरफ्तारी और संपत्तियों की कुर्की के बाद यूनिवर्सिटी में पढ़ रहे हजारों छात्रों का भविष्य अधर में लटकता नजर आ रहा है। अल-फलाह यूनिवर्सिटी फरीदाबाद के धौज इलाके में स्थित है और यहाँ तकनीकी व चिकित्सा शिक्षा से जुड़े कई कोर्स संचालित होते हैं।
- क्या डिग्री मान्य रहेगी? यूजीसी की शिकायत के बाद अब छात्रों के मन में सबसे बड़ा सवाल यह है कि उनकी डिग्रियों की वैधता क्या होगी।
- कैंपस का माहौल: फिलहाल यूनिवर्सिटी कैंपस में भारी पुलिस बल और सुरक्षा एजेंसियों की हलचल है, जिससे छात्रों में डर का माहौल बना हुआ है।
जांच का अगला पड़ाव क्या?
जवाद अहमद सिद्दीकी अब 4 दिनों के लिए दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की कस्टडी में हैं। पुलिस उनसे निम्नलिखित बिंदुओं पर पूछताछ कर सकती है:
- फर्जी दस्तावेजों का स्रोत: यूजीसी को दिए गए फर्जी कागजात कहाँ तैयार किए गए?
- फंडिंग की जांच: क्या यूनिवर्सिटी के फंड का इस्तेमाल किसी असामाजिक गतिविधि के लिए किया गया था?
- आतंकी लिंक: लाल किला ब्लास्ट के आरोपियों के साथ चेयरमैन या संस्थान का क्या कोई सीधा संबंध था?
निष्कर्ष
अल-फलाह यूनिवर्सिटी का यह पूरा घटनाक्रम भारतीय शिक्षा प्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था के लिए एक बड़ा सबक है। एक तरफ जहाँ शिक्षा के मंदिर पर 'फर्जीवाड़े' का दाग लगा है, वहीं दूसरी तरफ 'राष्ट्रीय सुरक्षा' से जुड़े गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आने वाले 4 दिनों की पुलिस पूछताछ इस मामले में कई बड़े सफेदपोश चेहरों को बेनकाब कर सकती है।
इस मामले से जुड़ी हर छोटी-बड़ी अपडेट के लिए हमारे साथ बने रहें।
Source: Onewshindi


