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Bihar Obscene Songs Ban: सम्राट चौधरी का नया आदेश, सार्वजनिक वाहनों में अश्लील गाने बजाने पर होगी FIR।

बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने अश्लील और दोहरे अर्थ वाले गानों पर कड़ा एक्शन लिया है। अब बस, ऑटो और सार्वजनिक स्थलों पर फूहड़ गाने बजाने वालों पर सीधे FIR दर्ज होगी और जेल की सजा मिल सकती है। जानिए समाज और बच्चों पर पड़ते नकारात्मक प्रभाव को रोकने के लिए पुलिस को क्या निर्देश दिए गए हैं।

Bihar Obscene Songs Ban: सम्राट चौधरी का नया आदेश, सार्वजनिक वाहनों में अश्लील गाने बजाने पर होगी FIR।

चोली-भौजी वाले गानों पर 'सर्जिकल स्ट्राइक', बिहार की सड़कों पर फूहड़ता फैलाई तो खैर नहीं!

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1:34 PM, Feb 5, 2026

O News हिंदी Desk

बिहार में 'अश्लील गानों' पर 'सर्जिकल स्ट्राइक': सम्राट चौधरी का बड़ा आदेश, अब सार्वजनिक स्थलों पर फूहड़ता फैलाई तो सीधे होगी जेल

पटना: बिहार की सड़कों पर अब न तो 'अश्लीलता' का शोर मचेगा और न ही 'दोहरे अर्थ' वाले गानों की गूंज सुनाई देगी। बिहार के डिप्टी सीएम और गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य की सांस्कृतिक गरिमा को बचाने के लिए एक बड़ा और कड़ा फैसला लिया है। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि सार्वजनिक स्थानों पर अश्लील गाने बजाना अब केवल एक सामाजिक बुराई नहीं, बल्कि एक गंभीर अपराध माना जाएगा, जिसके लिए सीधे FIR दर्ज की जाएगी।

बिहार पुलिस को मिले इस 'फ्री हैंड' के बाद अब बस, ऑटो, ट्रक और अन्य सार्वजनिक वाहनों में फूहड़ गाने बजाने वालों की खैर नहीं है। आइए विस्तार से समझते हैं कि सरकार का यह फैसला क्या है और इसके पीछे की मंशा क्या है।

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1. अश्लीलता के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति

बिहार में लंबे समय से यह शिकायत रही है कि सार्वजनिक परिवहन और चौक-चौराहों पर ऐसे गाने बजाए जाते हैं, जो परिवार के साथ सुनने लायक नहीं होते। सम्राट चौधरी ने इसी 'फूहड़ संस्कृति' पर लगाम लगाने के लिए स्पेशल कैंपेन चलाने का निर्देश दिया है।

गृह विभाग की कमान संभाल रहे सम्राट चौधरी ने पुलिस महानिदेशक (DGP) से लेकर थाने के स्तर तक के अधिकारियों को हिदायत दी है कि इस मामले में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मुख्य बिंदु:

  1. भाषा का बंधन नहीं: कार्रवाई केवल भोजपुरी तक सीमित नहीं है। मगही, मैथिली, अंगिका या किसी भी भाषा में अगर गाना अश्लील है, तो कार्रवाई होगी।
  2. तुरंत FIR: अब पुलिस चेतावनी देकर नहीं छोड़ेगी। अश्लील गाना बजते पकड़े जाने पर सीधे प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जाएगी।
  3. जेल की सजा: दोषी पाए जाने पर आरोपी को जेल की हवा भी खानी पड़ सकती है।
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2. बस, ऑटो और ट्रक चालकों पर रहेगी कड़ी नजर

अक्सर देखा जाता है कि लंबी दूरी की बसों या शहर के भीतर चलने वाले ऑटो रिक्शा में हाई डेसिबल पर अश्लील गाने बजते हैं। इससे महिला यात्रियों को भारी असहजता का सामना करना पड़ता है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि:

  1. सार्वजनिक परिवहन: यदि किसी बस या ऑटो में अश्लील वीडियो या ऑडियो पाया जाता है, तो वाहन का परमिट रद्द करने तक की नौबत आ सकती है।
  2. सार्वजनिक स्थल: पार्क, मॉल, सिनेमा हॉल के आसपास या पूजा पंडालों में भी इस तरह के गानों पर पूरी तरह पाबंदी रहेगी।
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3. आखिर क्यों जरूरी था यह सख्त कदम?

सम्राट चौधरी का मानना है कि संगीत केवल मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि यह समाज के चरित्र का निर्माण करता है। पिछले कुछ वर्षों में 'डिजिटल युग' के नाम पर संगीत में अश्लीलता का जहर घोला गया है।

"समाज और बच्चों के मानसिक विकास पर इन गानों का बेहद नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। हम अपनी आने वाली पीढ़ी को ऐसी फूहड़ता विरासत में नहीं दे सकते। महिलाओं की गरिमा और सम्मान हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।" - सम्राट चौधरी, डिप्टी सीएम (बिहार)

समाज पर पड़ने वाले प्रभाव:

  1. बच्चों पर असर: कोमल मन पर अश्लील शब्दों और दृश्यों का गहरा असर पड़ता है, जिससे उनकी सोच विकृत हो सकती है।
  2. महिलाओं की सुरक्षा: सार्वजनिक स्थलों पर अश्लील गाने अक्सर छेड़खानी और असहज माहौल को बढ़ावा देते हैं।
  3. सांस्कृतिक पतन: बिहार की समृद्ध भाषाई विरासत (मैथिली, मगही, भोजपुरी) इन फूहड़ गानों की वजह से बदनाम हो रही है।
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4. पुलिस प्रशासन को सख्त निर्देश: 'नो रिलैक्सेशन'

बिहार पुलिस अब इस मिशन को एक अभियान की तरह लेगी। सूत्रों के अनुसार, हर जिले के एसपी को निर्देश दिया गया है कि वे औचक निरीक्षण के लिए विशेष टीमें गठित करें।

  1. चेकिंग अभियान: बस स्टैंडों और ऑटो स्टैंडों पर सादे कपड़ों में पुलिस तैनात रहेगी।
  2. जनता की भागीदारी: आम नागरिक भी पुलिस को ऐसे मामलों की सूचना दे सकते हैं, जिस पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
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5. कलाकारों और संगीतकारों के लिए चेतावनी

यह आदेश केवल सुनने या बजाने वालों तक सीमित नहीं है। यह उन लोगों के लिए भी एक बड़ा संदेश है जो इस तरह का कंटेंट तैयार करते हैं। हालांकि, वर्तमान आदेश सार्वजनिक स्थलों पर प्रसारण को लेकर है, लेकिन जानकारों का मानना है कि इससे संगीत उद्योग में भी 'सेल्फ-सेंसरशिप' की लहर आएगी। अगर मांग कम होगी, तो अश्लील गानों की सप्लाई पर भी लगाम लगेगी।

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6. क्या कहता है कानून?

भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) के तहत सार्वजनिक अश्लीलता (Public Obscenity) पहले से ही अपराध है। सम्राट चौधरी के नए निर्देश के बाद अब पुलिस इन धाराओं का सख्ती से प्रयोग करेगी। धारा 294 के तहत सार्वजनिक स्थानों पर अश्लील कार्य या गानों के माध्यम से दूसरों को परेशान करने पर जेल और जुर्माना दोनों का प्रावधान है।

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निष्कर्ष: एक सभ्य समाज की ओर बढ़ता बिहार

बिहार सरकार का यह फैसला केवल एक प्रशासनिक आदेश नहीं है, बल्कि एक सांस्कृतिक सुधार की दिशा में उठाया गया कदम है। सम्राट चौधरी के इस रुख की सोशल मीडिया पर व्यापक सराहना हो रही है। लोगों का कहना है कि अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर अश्लीलता परोसने का अधिकार किसी को नहीं होना चाहिए।

अब यह देखना दिलचस्प होगा कि धरातल पर पुलिस इस आदेश को कितनी सख्ती से लागू करती है और बिहार की सड़कों से 'अश्लीलता का शोर' कब तक शांत होता है।

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डिस्क्लेमर: यह लेख समाचारों पर आधारित विश्लेषण है। कानून के उल्लंघन की स्थिति में कानूनी विशेषज्ञों की सलाह लें।

Source: O News Hindi

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