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ईरान के 'डेथ जोन' से सुरक्षित लौटे भारतीय: अपनों को देख दिल्ली एयरपोर्ट पर रो पड़े लोग, सरकार को कहा शुक्रिया

ईरान में जारी हिंसक प्रदर्शनों के बीच दिल्ली पहुंचे भारतीयों ने सुनाई खौफनाक दास्तां। इंटरनेट ठप और 3,000 मौतों के बीच कैसे बचे भारतीय नागरिक? जानिए तेहरान के ताजा हालात और भारत सरकार की रणनीति।

ईरान के 'डेथ जोन' से सुरक्षित लौटे भारतीय: अपनों को देख दिल्ली एयरपोर्ट पर रो पड़े लोग, सरकार को कहा शुक्रिया

ईरान के 'डेथ जोन' से सुरक्षित लौटे भारतीय.!

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12:22 PM, Jan 18, 2026

O News हिंदी Desk

ईरान में गृहयुद्ध जैसे हालात: दिल्ली लौटे भारतीयों ने सुनाई खौफनाक दास्तां, 'इंटरनेट ठप और सड़कों पर आगजनी'

ईरान में जारी हिंसक प्रदर्शनों के बीच फंसे भारतीयों की वतन वापसी शुरू हो गई है। दिल्ली पहुंचे यात्रियों ने तेहरान के जो हालात बताए हैं, वे चौंकाने वाले हैं।

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ईरान संकट: खौफ के साए में कटे दिन, अब भारत पहुंचे नागरिक

ईरान में मौजूदा शासन के खिलाफ भड़के विरोध प्रदर्शनों ने अब एक बेहद खतरनाक मोड़ ले लिया है। इस तनावपूर्ण माहौल के बीच वहां फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी का सिलसिला शुरू हो चुका है। बीती रात ईरान से दो कमर्शियल उड़ानें दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरीं। हवाई अड्डे पर उतरते ही यात्रियों के चेहरे पर सुकून और वतन वापसी की खुशी साफ झलक रही थी।

भले ही यह सरकार का कोई औपचारिक 'निकासी अभियान' (Evacuation Operation) नहीं था, लेकिन दूतावास की सक्रियता और कमर्शियल उड़ानों के संचालन से भारतीयों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकलने में मदद मिली है।

इंटरनेट ब्लैकआउट और सड़कों पर मंजर-ए-खौफ

दिल्ली लौटे भारतीयों ने ईरान के जमीनी हालातों का जो ब्यौरा दिया है, वह वहां की भयावहता को दर्शाता है। यात्रियों के अनुसार, सबसे बड़ी चुनौती इंटरनेट का पूरी तरह बंद होना था।

  1. संपर्क कटा: इंटरनेट न होने के कारण छात्र और व्यापारी अपने परिवारों को अपनी सलामती की सूचना तक नहीं दे पा रहे थे।
  2. सड़कों पर प्रदर्शन: एक भारतीय नागरिक ने बताया कि प्रदर्शनकारी अचानक सड़कों पर आ जाते थे और वाहनों को रोक देते थे। कई जगहों पर आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं आम हो गई थीं।
  3. दूतावास से मुश्किल संपर्क: नेटवर्क की समस्या इतनी गंभीर थी कि भारतीय दूतावास से संपर्क करना भी किसी चुनौती से कम नहीं था।
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विभिन्न वर्गों के भारतीयों का अनुभव

ईरान में भारत के करीब 9,000 नागरिक रहते हैं, जिनमें छात्र, व्यापारी और तीर्थयात्री शामिल हैं।

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3,000 मौतें और अंतर्राष्ट्रीय तनाव का असर

ईरान में यह उबाल दिसंबर के आखिरी हफ्ते में शुरू हुआ था। रिपोर्ट्स की मानें तो पिछले दो हफ्तों में हुई हिंसा में करीब 3,000 लोगों की जान जा चुकी है। यह तनाव केवल आंतरिक नहीं था, बल्कि ईरान और अमेरिका (डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन) के बीच बढ़ती सैन्य तल्खी ने आग में घी डालने का काम किया।

ईरानी एयरस्पेस के अस्थायी बंद होने से अंतरराष्ट्रीय विमानन क्षेत्र में भी हड़कंप मच गया था, जिससे भारत आने वाली कई उड़ानें 15 जनवरी को प्रभावित हुईं। हालांकि, अब अमेरिकी रुख में कुछ नरमी आने के बाद स्थिति धीरे-धीरे स्थिर होने की उम्मीद जताई जा रही है।

भारत सरकार और दूतावास की भूमिका

तेहरान स्थित भारतीय दूतावास इस पूरे संकट के दौरान हाई अलर्ट पर रहा। भारत सरकार ने पहले ही एक ट्रैवल एडवाइजरी जारी कर अपने नागरिकों को ईरान की गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी थी।

  1. भारतीयों का डेटाबेस तैयार कर उनसे संपर्क साधना।
  2. जरूरत पड़ने पर स्थानीय अधिकारियों से सुरक्षा सुनिश्चित करना।
  3. एयरलाइंस के साथ समन्वय बिठाकर कमर्शियल फ्लाइट्स का सुचारू संचालन सुनिश्चित करना।

वापस लौटे इलेक्ट्रिकल इंजीनियर और छात्रों ने भारत सरकार के प्रति आभार जताते हुए कहा कि कठिन समय में सरकार की निगरानी और दूतावास की सलाह ने उन्हें हिम्मत दी।

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क्या अब ईरान में हालात सामान्य हो रहे हैं?

दिल्ली पहुंचे कुछ यात्रियों का मानना है कि अब स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। सड़कों पर सरकार समर्थकों की मौजूदगी बढ़ने और इंटरनेट सेवाओं के आंशिक रूप से बहाल होने की खबरों के बीच डर का माहौल कुछ कम हुआ है। हालांकि, ईरान के कई अंदरूनी शहरों में अब भी छिटपुट हिंसा और विरोध की खबरें आ रही हैं।

निष्कर्ष: भारतीयों के लिए आगे की राह

ईरान में अभी भी हजारों भारतीय मौजूद हैं। भारत सरकार और विदेश मंत्रालय लगातार वहां की पल-पल की जानकारी ले रहे हैं। जो लोग अभी वहां हैं, उन्हें भीड़भाड़ वाले इलाकों से बचने और दूतावास के संपर्क में रहने की सलाह दी गई है।

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FAQ - अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. क्या भारत सरकार ईरान से भारतीयों को निकालने के लिए विशेष विमान भेजेगी?

फिलहाल स्थिति पर नजर रखी जा रही है और कमर्शियल उड़ानें चल रही हैं। यदि स्थिति और बिगड़ती है, तो सरकार 'ऑपरेशन' शुरू कर सकती है।

2. ईरान में कितने भारतीय नागरिक हैं?

आंकड़ों के अनुसार, ईरान के विभिन्न हिस्सों में लगभग 9,000 भारतीय रह रहे हैं।

3. क्या अभी ईरान की यात्रा करना सुरक्षित है?

भारत सरकार ने 'गैर-जरूरी यात्रा' न करने की सलाह (Travel Advisory) जारी की है। जब तक स्थिति पूरी तरह शांत न हो जाए, यात्रा से बचना ही बेहतर है।

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onewshindi.com की राय: अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और जमीनी संघर्ष के बीच आम नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि है। हम आशा करते हैं कि ईरान में जल्द ही शांति बहाल होगी।

क्या आप या आपका कोई परिचित ईरान में फंसा है? अपनी कहानी हमें कमेंट बॉक्स में बताएं या इस खबर को शेयर करें।

Source: NDTV

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